अस्पताल के बाहर दम तोड़ रहे मरीज, रेलवे के आलीशान कोविड केयर कोच खाली


  • आनंद विहार के 1200 बेड वाले आइसोलेशन कोच में मरीज नहीं
  • रेलवे की दलील, राज्य सरकार से नहीं आई बेड की मांग
दिल्ली ब्यूरो। दिल्ली में एक तरफ अस्पताल में ऑक्सीजन नहीं मिलने, बेड की कमी होने से लोगों की सांसे टूट रही है तो दूसरी तरफ वल्र्ड क्लास की यात्री सुविधा वाले आनंद विहार रेलवे स्टेशन पर कोविड केयर कोच खाली पड़ा है। यहां ऑक्सीजन भी है, खाली बेड भी है। एसी विश्रामालय भी है, एम्बुलेंस, खाने की व्यवस्था भी है, लेकिन नहीं है तो सिर्फ मरीजों का दाखिला। कमोबेश यही स्थिति शकूरबस्ती रेलवे शेड का भी है।
ऑक्सीजन व बेड की कमी के कारण कोरोना संक्रमण से लोग अस्पताल व घरों में तड़प कर मर रहे है। किसी भी अस्पताल में बेड तक खाली नहीं होने की बात बताई जा रही है, वहीं दूसरी तरफ आलीशान स्टेशनों व रेलवे शेड में मरीजों व तीमारदारों के लिए व्यवस्था होने के बावजूद वीरान पड़ा है। स्थिति यह है कि राज्य सरकार व रेलवे दोनों इसे लेकर चुप्पी साधे हुए है।  इस प्रश्न का जवाब ना तो रेलवे के पास है और ना ही राज्य सरकार के पास। 
इतना जरूर कह दिया जा रहा है कि स्टेशन पर आपात प्रबंधन सुविधा के लिए आइसोलेशन कोच तैनात किया गया है। यह किसी भी तरह से अस्पताल नहीं है। राज्य सरकार सुनिश्चित करती है कि किस मरीज को इस सुविधा की आवश्यकता है। रेलवे की तरफ से एंबुलेंस, खाना, ऑक्सीजन समेत अन्य मेडिकल उपकरण की व्यवस्था की गई है। वहीं दूसरी ओर निरंकारी में एक हजार बेड मरीजों के लिए तैयार है। दिल्ली के रामलीला मैदान को अस्पताल में तब्दील किया जा रहा है। जबकि सच्चाई यह भी है कि निरंकारियों की तरफ से तैयार आइसोलेशन सेंटर में सिर्फ बेड की व्यवस्था है। ना ही यहां ऑक्सीजन की व्यवस्था है और ना ही मेडिकल स्टाफ की।
आठ सौ बेड में महज पांच मरीज
शकूरबस्ती रेलवे शेड में 50 कोविड केयर कोच लगाया गया है। इस 50 कोच में करीब 800 बेड की उपलब्धता है, लेकिन यहां महज 5 मरीजों का उपचार चल रहा है। दरअसल यहां तभी एडमिशन मिलेगा जब रानी बाग स्थित महावीर अस्पताल से मरीजों को अस्पताल के लिए भेजा जाएगा। दूसरी तरफ आनंद विहार रेलवे स्टेशन पर 25 आइसोलेशन कोच ऑक्सीजन सिलिंडर युक्त लगाए गए है। यहां 400 बेड की उपलब्धता है। लेकिन सभी बेड खाली है।