लॉकडाउन में धंधा चौपट हुआ तो भगवान पर चला दिए पत्थर, पुलिस ने किया गिरफ्तार


दिल्ली ब्यूरो। लॉकडाउन में घर और काम छिन जाने से एक युवक ने भगवान से ही पंगा ले लिया। उसने नाराजगी दिखाते हुए मंदिर में पथराव कर मूर्तियां क्षतिग्रस्त कर दी। शिकायत मिलने के बाद पंजाबी बाग थाना पुलिस ने सीसीटीवी कैमरे की फुटेज की मदद से आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। जिला के अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त प्रशांत गौतम ने बताया कि वैष्णो माता मंदिर पंजाबी बाग के पश्चिमपुरी इलाके में स्थित है। मंदिर के पुजारी रंजीत पाठक ने शनिवार सुबह करीब पौने नौ बजे पुलिस को फोन कर मंदिर में पथराव और मूर्ति तोड़े जाने की सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस को पुजारी ने बताया कि देर रात वह मंदिर से घर गया था। सुबह करीब साढ़े पांच बजे मंदिर वापस आने पर उसने भगवान शिव और अन्य देवताओं की मूर्ति को खुले में रखा हुआ देखा और मंदिर परिसर के चारों तरफ पत्थर ही पत्थर पड़े थे। पुलिस ने मंदिर और आसपास लगे सीसीटीवी को खंगाला। जिसमें एक युवक मंदिर परिसर में पथराव करता हुआ दिखाई दिया। उस युवक के पहनावे के जरिए पुलिस इलाके में पहचान करने में जुट गई।
कुछ ही देर में उसी कपड़े में आरोपी युवक दिख गया, जिसे पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि युवक की पहचान विक्की (28) के रूप में हुई है। युवक ने अपना गुनाह कबूल कर लिया और उसने बताया कि वह भगवान से नाराज था, इसी वजह से इस घटना को अंजाम दिया।
विक्की ने बताया कि लॉकडाउन से पहले उसके पिता शंभू रघुवीर नगर में कबाड़ी का काम करते थे। वह पिता के काम में हाथ बंटाता था। लॉकडाउन होने पर उसके पिता दुकान बंद कर बिहार के मोतीहारी स्थित अपने गांव चले गए। इसके बाद युवक के पास न रहने का ना तो कोई ठिकाना था, न कोई काम था और न ही कमाई का जरिया। वह बदहाली में इधर-उधर घूमता रहता था। अपनी ऐसी स्थिति के लिए वह भगवान को जिम्मेदार मान रहा था और मन में उनके लिए गुस्सा था। गुस्से में उसने भगवान से बदला लेने के लिए शुक्रवार देर रात साढ़े बारह बजे वारदात को अंजाम दिया। पुलिस आरोपी को गिरफ्तार कर मामले की छानबीन में जुटी है।