कोविड पॉजिटिव दिल्ली पुलिस के एएसआई का ऑडियो वायरल, पूछा- मरने के बाद ही वेलफेयर होगा क्या?


दिल्ली ब्यूरो। दिल्ली पुलिस के एक एएसआई का कथित ऑडियो वायरल हो रहा है। इसमें उसने पुलिस महकमे के वेलफेयर डिपार्टमेंट पर गंभीर आरोप लगाए हैं। आरोप लगाया है कि ड्यूटी पर होने तक खयाल रखा जाता है, रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद से कोई मतलब नहीं कि घर में खाना बना, पोंछा लगा या नहीं। उन्होंने ऑडियो को पुलिस कमिश्नर तक पहुंचाने की गुजारिश करते हुए कहा कि वह इस पर कोई कमेंट सुनना चाहते हैं। करीब चार मिनट के ऑडियो में उन्होंने बताया कि वेलफेयर वाले सिर्फ फोन कॉल करके तबीयत पूछते हैं। इसका जवाब लिखने के बाद वह फोन काट देते हैं।
उन्होंने सवाल पूछा कि दिन भर दो से तीन बार वेलफेयर वालों के फोन आते हैं। एएसआई उनको अपनी समस्या बता देते हैं। मंगलवार को मिली ऑडियो में कहा गया है कि आज फोन आया था। परेशानी पूछी। एएसआई ने बताया कि उनकी पत्नी भी पॉजिटिव हैं। इस पर फोन करने वाले ने कहा कि ठीक है, खयाल रखिये। एएसआई ने कहा कि वेलफेयर फंड सिर्फ मरने के बाद मिलेगा क्या? कोई भी साथी नहीं चाहेगा कि मरने के बाद उसे मिले। ड्यूटी के दौरान कई सुविधाएं दी जाती हैं, लेकिन फिर कोई नहीं देखने वाला कि खाना बना है या नहीं।
उन्होंने कहा, पिकेट ड्यूटी करके पॉजिटिव हुए पुलिस वालों से ऐसा व्यवहार? क्या फोन करके पूछने से ज्यादा कोई प्लान नहीं है? उन्होंने कहा कि बेहतर देखरेख के लिए कोई प्लान बनाया जाए। उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि जिंदगी रहने तक का ही पूरा खेल है बस। वह चाहते हैं कि यह मेसेज सीपी तक पहुंचे, जो इस ऑडियो पर अपनी टिप्पणी दें। ऑडियो की सत्यता के बारे में दिल्ली पुलिस के पीआरओ चिन्मय बिस्वाल से बात करने की कोशिश की गई, लेकिन बात नहीं हो सकी।
ट्विटर पर ऑक्सिजन मांगने वाली पुलिसकर्मी ने तोड़ा दम
दूसरी तरफ, दिल्ली में मंगलवार को ट्विटर पर मदद मांगने वाली महिला पुलिसकर्मी ने दम तोड़ दिया। उनके बेटे ने ट्वीट करके कहा था कि मां दिल्ली पुलिस की सिक्योरिटी यूनिट में बतौर हेड कॉन्स्टेबल पोस्टेड हैं। उन्हें ऑक्सिजन नहीं मिल रही है। हालांकि पुलिस का कहना है कि इस ट्वीट से पहले ही उनकी मंशा राम अस्पताल में इलाज की व्यवस्था करवाई गई थी। ट्वीट गलतफहमी का नतीजा था। फिलहाल, जान नहीं बचाई जा सकी। वहीं मणिपाल अस्पताल में कोरोना का इलाज करवा रहे दूसरे एसआई की भी मंगलवार सुबह करीब 11:00 बजे मौत हो गई। पुलिस के मुताबिक, हेड कॉन्स्टेबल सुनीता सिक्युरिटी यूनिट में पोस्टेड थीं। उनके बेटे ने सुबह अस्पताल की प्रिस्क्रिप्शन ट्वीट की थी कि सुनीता उनके अस्पताल में भर्ती हैं और अस्पताल में ऑक्सिजन बिल्कुल नहीं है। जल्द से जल्द उन्हें ऑक्सिजन दिलाने की व्यवस्था की जाए। इस पर दिल्ली पुलिस ने रिप्लाई करके कॉन्टैक्ट नंबर मांगा था। इसके बाद पुलिस अफसरों के साथ बातचीत हुई या नहीं, इसकी जानकारी नहीं मिल सकी है। वहीं पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सुनीता का बेटा भी पॉजिटिव है और वह किसी दूसरे अस्पताल में भर्ती था। इसलिए उसे हालात का सही जायज़ा नहीं था।
पुलिस के मुताबिक, दूसरी मौत एसआई करम सिंह की हुई है, जिनका मणिपाल अस्पताल में इलाज चल रहा था। 23 फरवरी को वह अस्पताल में भर्ती हुए थे, जिसके बाद करीब 2 महीने तक उनका इलाज चला। पुलिस सूत्रों ने बताया कि अब तक कोरोना से 49 पुलिसवालों की मौत हो चुकी है, जबकि 2500 के करीब पुलिसकर्मी अभी कोविड पॉजिटिव हैं।