व्यक्ति की थाने में पिटाई को लेकर हाईकोर्ट ने दिल्ली पुलिस से मांगा जवाब


दिल्ली ब्यूरो। दिल्ली हाईकोर्ट ने एक व्यक्ति की अवैध रूप से पुलिस हिरासत में पिटाई के मामले में दिल्ली पुलिस से जवाब मांगा है। इस व्यक्ति ने हाईकोर्ट में दायर अपनी याचिका में कहा है कि उसे गैरकानूनी तौर पर हिरासत में रखा गया और वहां उसकी बेरहमी से पिटाई की गई। इस व्यक्ति ने कोर्ट से यह मांग की है कि घटना वाले दिन की सीसीटीवी फुटेज संरक्षित रखने के आदेश भी पुलिस को दिए जाएं।
जस्टिस अनु मल्होत्रा की बेंच के समक्ष दायर याचिका में कहा गया है कि याचिकाकर्ता व्यक्ति और तीन अन्य को पुलिस ने हिरासत में लेकर बुरी तरह पीटा। याचिका में कहा गया है कि यह घटना चांदनी महल थाने की तुर्कमान गेट पुलिस चौकी में हुई। याचिका में कहा गया है कि कुछ निजी लोगों के साथ मिलकर पुलिस ने इस कृत्य को अंजाम दिया।
इस पर सरकार की तरफ से कहा गया कि घटना वाले दिन 25 जनवरी 2021 की शाम सात बजे तक की पुलिस चौकी की सीसीटीवी फुटेज और चौकी के बाहर लगे कैमरे की फुटेज को संरक्षित रख लिया गया है। इस पर हाईकोर्ट की बेंच ने पुलिस को कहा कि फुटेज के प्रिंटआउट को रिकॉर्ड पर लिया जाए। साथ ही इस मामले की जांच संबंधी प्रोग्रेस रिपोर्ट के साथ इन्हें पेश किया जाए। बेंच ने इस मामले में सुनवाई के लिए अगली तारीख आठ अप्रैल तय की है। 
इस मामले में शिकायतकर्ता व्यक्ति के वकील ने याचिका में कहा है कि 25 जनवरी की शाम उनके मुवक्किल समेत चार लाेगोंं को पुलिस गैरकानूनी तरीके से पुलिस चौकी पर लेकर गई। वहां उन चारों की बेरहमी से पिटाई की गई, जबकि इनके खिलाफ ना कोई शिकायत दर्ज की गई है और ना ही कोई पीसीआर कॉल की गई। पुलिस की पिटाई के कारण चारों पीड़ितों को गहरे चोटें आईं। याचिका में मांग की गई है कि इस घटना के लिए जिम्मेदार पुलिस कर्मियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।