मेरठ के युवक का कमाल, पुराने पार्ट्स को किया असेंबल, बना डाला ऑक्सिजन प्लांट


  • पिता और दोस्त के साथ मिलकर ऑक्सिजन प्लांट बना दिया
  • नोएडा में 325 से 350 तक ऑक्सिजन सिलिंडर रोजाना सप्लाई कर रहे हैं
  • ऑक्सिजन फिलहाल नोएडा के 70 फीसद अस्पतालों में आवंटित हो रही
मेरठ। कोरोना से पूरा देश जूझ रहा है। ऑक्सिजन के लिए मरीज भटक रहे हैं। इसी मंजर को देखते हुए मेरठ के एक युवा उद्यमी ने ऑक्सिजन की कमी को किसी हद तक दूर करने का का बीड़ा उठाया।
मेरठ के बेगम बाग कॉलोनी में रहने वाले यशराज ने अपने पिता और दोस्त के साथ मिलकर ऑक्सिजन प्लांट बना दिया और इसके लिए यशराज ने पुराने स्पेयर पार्ट्स को जमा करके इस प्लांट को बनाने का कारनामा दिखाया, ताकि लोगों की परेशानी को किसी हद तक वह कम कर सकें। फिलहाल वह नोएडा में 325 से 350 सिलिंडर तक ऑक्सिजन रोजाना बनाते हैं और नोएडा के अस्पतालों में सप्लाई करते हैं।
मेरठ के बेगम बाग निवासी यश राज गुप्ता ने जब मरीजों को अस्पतालों में ऑक्सिजन के लिए दर-दर भटकते देखा तो उन्होंने पुराने स्पेयर पार्ट्स से ऑक्सिजन प्लांट बनाने का बीड़ा उठाया। यश राज गुप्ता बताते हैं कि यह काम उनके अकेले के लिए संभव नहीं था तो उन्होंने अपने पिता जोकि खुद मैकेनिकल इंजीनियर हैं अनुराग गुप्ता और अपने दोस्त इलेक्ट्रिकल इंजीनियर संदीप गर्ग को ऑक्सिजन प्लांट बनाने की योजना के बारे में बताया। इस पर दोनों ने ही यशराज का हौसला बढ़ाया और इस काम को करना शुरू कर दिया। यशराज बताते हैं कि पिता अनुराग और दोस्त के साथ मिलकर उन्होंने बंद हो चुके पुराने गैस प्लांट से पुराने पार्ट्स को इकट्ठा किया। इसके लिए उन्हें छत्तीसगढ़, पुणे, शाजहांपुर समेत कई इलाकों में जाना पड़ा। अन्ततः पार्ट्स को जुटाया और असेंबल करने का काम शुरू किया।
प्लांट के लिए दादरी में ली जमीन
पार्ट्स मिलने के बाद जमीन की समस्या जब खड़ी हुई तो गौतमबुद्ध नगर के दादरी में यशराज के चाचा की सीमेंट की चादर बनाने की फैक्ट्री खाली पड़ी थी, जहां उन्होंने इस प्लांट को लगाने का काम किया और 13 अप्रैल से यहां ऑक्सिजन बनने लगी। अब इस प्लांट में 15 से 20 टन तक ऑक्सीजन रोजाना बनाई जाती है। यह ऑक्सिजन फिलहाल नोएडा के 70 फीसद अस्पतालों में आवंटित हो रही है।
हालांकि, यशराज का मेरठ में भी ऑक्सिजन सप्लाई करने का पूरा प्लान है। इस प्लांट को लगाने वाले यशराज के पिता का कहना है कि फिलहाल 500 सिलिंडर बनाने की इस प्लांट की क्षमता है, लेकिन जैसे ही यह क्षमता बढ़ जाएगी, वह मेरठ और अन्य जगहों पर भी ऑक्सिजन की सप्लाई शुरू कर देंगे। फिलहाल प्लांट में 325 से 350 सिलिंडर तक दैनिक आपूर्ति की जा रही है। गौतमबुद्ध नगर के ज्यादातर अस्पतालों में सप्लाई के साथ इमरजेंसी में अगर किसी मरीज को ऑक्सिजन की जरूरत होती है तो वह सीधे प्लांट से आकर ले सकता है।