मानव तस्करी की शिकार महिला की हुई वतन वापसी,बयां किया दर्द


कानपुर ब्यूरो। मानव तस्करी की शिकार हुई महिला की बीते रविवार को ओमान से वतन वापसी हो गई। महिला ने जब अपने पति और बच्चों को देखा तो फूटकर रोने लगी। पीड़िता ने अपना दर्द बयां करते हुए बताया कि मेरे साथ ओमान में अमानवीय व्यवहार हुआ है। मेरा मानसिक और और शारीरिक शोषण किया गया। एक शेख ने मुझे घर में बंधक बनाकर रखा था, वो मुझे चाबुक से पीटता था। चाबुक की पिटाई से शरीर से खून निकलने लगता था। महिला की आपबीती सुनकर परिवार के आंसू भी छलक पड़े। कर्नलगंज थाना में उन्नाव के रहने वाले राजमिस्त्री ने बीते 09 अप्रैल को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उसने बताया था कि घर की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी। इस लिए मेरी पत्नी (40) को अतीकउर्र रहमान और मुज्जमिल ओमान में एक हॉस्पिटल में नौकरी लगवाने का झांसा दिया था। हॉस्पिटल में 80 से 01 लाख रुपये प्रतिमाह की नौकरी दिलवाने के सपने दिखाए थे। टूरिस्ट वीजा पर पत्नी को बीते 5 जनवरी 2021 को ओमान भेज दिया गया था। एक दिन पत्नी का फोन आया तो उसने बताया कि मुझे यहां पर बेच दिया गया है। काफिल नाम के शख्स ने घर पर बंधकर बनाकर रखा है। यहां पर घर का काम कराने के साथ ही शारीरिक शोषण किया जा रहा है। कानपुर पुलिस कमिश्नर असीम अरुण ने इस मामले की जांच डीसीपी क्राइम को सौंपी थी।
एजेंट को मिलता था कमीशन
डीसीपी क्राइम सलमान ताज पाटिल ने अतीकउर्र रहमान और मुज्जमिल को अरेस्ट किया। दोनों ही एजेंट कानपुर और उन्नाव से 18 महिलाओं को खाड़ी देशों भेज चुके थे। जब यह महिलाएं ओमान, सउदी अरब, कतर, कुवैत जैसे देशों में पहुंचती हैं तो इन्हे वहां बेच दिया जाता है। इसके एवज में अतीकउर्र रहमान और मुज्जमिल 25 से 30 हजार रुपये कमीशन मिलता था। दोनों एजेंट जेल में हैं। इन एजेंटो के संपर्क में कई बड़ी ट्रैवेल्स एजेंसियां हैं।
क्राइम ब्रांच ने की पहल
कानपुर क्राइम ब्रांच ने महिला को वतन वापस लाने की कवायद शुरू की। क्राइम ब्रांच ने विदेश मंत्रालय और ओमान में भारतीय दूतावास से संपर्क किया। डीसीपी क्राइम सलमान ताज पाटिल लगातार भारतीय दूतावास के संपर्क में बने रहे। भारतीय दूतावास ने बीते रविवार को राजमिस्त्री की पत्नी समेत दो महिलाओं की टिकट बनवाकर ओमान से चेन्नई के लिए रवाना कर दिया था। दोपहर को दोनों महिलाएं चेन्नई एयरपोर्ट पहुंची। चेन्नई से एक महिला नागपुर स्थित ससुराल चली गई। इसके बाद एक समाजिक संस्थान राजमिस्त्री की पत्नी को दिल्ली लाया गया। फिर सामाजिक संस्था दिल्ली से लखनऊ एयरपोर्ट लेकर पहुंची। लखनऊ एयरपोर्ट से कर्नलगंज पुलिस ने रीसिव कर लिया। इसके बाद महिला को राजमिस्त्री को सौंप दिया गया।

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