पंचशील बिल्डेटेक प्राइवेट लिमिटेड के निदेशकों पर धोखाधड़ी का केस दर्ज

गाजियाबाद ब्यूरो। पंचशील बिल्डेटेक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के निदेशकों द्वारा ऑफिस स्पेस व गोदाम को दुकान बताकर बेचकर करोड़ों रुपए का फर्जीवाड़ा करने का मामला सामने आया है। इस संबंध में पीड़ितों ने कोर्ट के आदेश पर कंपनी के चार निदेशकों के खिलाफ धोखाधड़ी व अन्य धाराओं में केस दर्ज कराया है। पीड़ितों का कहना है कि निदेशकों ने फर्जीवाड़ा करते हुए उनसे दुकान के बदले में सवा तीन करोड़ रुपये ठग लिए गए। फर्जीवाड़े का पता चलने पर उन्होंने विरोध किया तो हत्या की धमकी दिलाई गई।
क्रॉसिंग रिपब्लिक की पंचशील वेलिंगटन सोसायटी रहने वाले मोनू मिश्रा का कहना है कि वह और उनका परिवार कामर्शियल संपत्ति तलाश रहे थे। इसी दौरान उनकी मुलाकात पंचशील बिल्डेटेक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के निदेशक अनुज चौधरी से हुई। उन्होंने बताया कि क्रॉसिंग रिपब्लिक टाउनशिप डूंडाहेड़ा में उनकी कंपनी द्वारा कामर्शियल बिल्डिंग का प्रोजेक्ट बनाया जा रहा है, जिसमें वह कामर्शियल दुकानों बेचेंगे। इसके बाद अनुज चौधरी ने कंपनी के अन्य निदेशकों अशोक चौधरी, राहुल कुमार सिंघवाल और शंकर रामाचंद्रन भारद्वाज से मिलवाया। मोनू मिश्रा का कहना है कि उन्होंने पंचशील स्क्वायर में 2 करोड़ 72 लाख रुपये में पांच दुकानों का सौदा कर लिया। उनके व परिवार द्वारा पूरा भुगतान कर दिया गया और उनकी लीज डीड भी उनके परिजनों के पक्ष में निष्पादित हो गई। इसके बाद उन्होंने अपने व्यवसाय में मोटा पैसा भी लगाया। मोनू मिश्रा का कहना है कि फरवरी 2021 में जीडीए के कर्मचारी आए और दुकानों का अवैध रूप से निर्माण होने की बात कही। दस्तावेज दिखाते हुए कर्मचारियों ने बताया कि जो कामर्शियल दुकानें बेची गई हैं, उनका नक्शा ऑफिस स्पेस के लिए पास कराया गया है। इसके बाद उन्हें पता चला कि कंपनी ने फर्जीवाड़ा करते हुए ऑफिस स्पेस की जगह को कामर्शियल दुकानों के रूप में बेचकर उनसे मोटी रकम हड़पी गई है। मोनू मिश्रा का कहना है कि उन्होंने कंपनी के निदेशकों से कई बार बात की लेकिन, उन्होंने कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया। साथ ही शिकायत करने की बात कहने पर उन्हें बदमाशों से फोन कराकर हत्या कराने की धमकी दिलाई गई।
दूसरे मामले में गोविंदपुरम निवासी धीरज कुमार फोगाट का कहना है कि उन्हें व जयपुरिया सनराइज ग्रीन इंदिरापुरम निवासी उनके दोस्त सुशील सैनी को कामर्शियल संपत्ति की तलाश थी। उनकी मुलाकात पंचशील बिल्डेटेक प्राइवेट लिमिटेड के निदेशकों से हुईं, जिन्होंने क्रॉसिंग रिपब्लिक टाउनशिप डूंडाहेड़ा स्थित प्रोजेक्ट पंचशील स्क्वायर में कॉमर्शियल प्रोजेक्ट दिखाया। इसके बाद 61 लाख रुपये में उन्होंने दो दुकानें खरीद लीं। बाद में दुकानें देखने पर उनके होश उड़ गए, क्योंकि दुकानों के सामने दीवार लगी हुई थी। बाद में पता चला कि गोदामों को दुकान बता कर मोटी रकम ऐंठी गयी है। पीड़ितों का कहना है कि उन्होंने पुलिस में तमाम शिकायत, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। जिसके चलते उन्हें कोर्ट की शरण लेनी पड़ी। विजयनगर एसएचओ महावीर चौहान का कहना है कि कोर्ट के आदेश पर पंचशील बिल्डटेक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के निदेशक अनुज चौधरी, अशोक चौधरी, राहुल कुमार सिंघवाल और शंकर समाचंद्रन भारद्वाज के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी गई है। जांच में जो तथ्य सामने आएंगे उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी।