नंदग्राम थानाक्षेत्र निवासी कारोबारी के बेटे को अगवा कर मांगी दस लाख की फिरौती


गाजियाबाद ब्यूरो। नंदग्राम थानाक्षेत्र के कृष्णानगर निवासी कारोबारी के बेटे व 12वीं के छात्र वंश गोस्वामी को अगवा कर 10 लाख की फिरौती मांगने का मामला सामने आया है। चार आरोपी उसे चाकू के बल पर अगवा कर हिंडन नदी पर ले गए और उसी के फोन से परिजनों के पास फिरौती का फोन किया। विरोध करने पर अपहर्ताओं ने वंश पर पत्थरों से हमला कर दिया। इस दौरान वंश ने मरने का नाटक कर खुद की जान बचाई। मरा समझकर अपहरणकर्ता उसे हिंडन नदी में फेंक कर फरार हो गए। वह जैसे-तैसे हिंडन से निकलकर सड़क पर आया और किसी वाहन में लिफ्ट लेकर घर पहुंचा। पुलिस ने अपहरण और फिरौती का केस दर्ज कर एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। मुख्य आरोपी और उसके दो साथी फरार हैं। घायल छात्र को मेरठ रोड स्थित कैलाश अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
कृष्णा नगर नंदग्राम निवासी मनोज गोस्वामी अपना कारोबार करते हैं उनका बेटा वंश 12वीं कक्षा का छात्र है। परिजनों के मुताबिक गत 19 अप्रैल की शाम 7:30 बजे वंश किसी काम से सिहानी गांव गया था। इसके बाद से वह संदिग्ध हालात में लापता हो गया। रात करीब 10:30 बजे किराएदार युवकों के पास वंश के मोबाइल से ही फिरौती के लिए कॉल आई। फोन करने वाले ने कहा कि वंश के पिता से बात कराओ। पिता के न होने का हवाला दोने पर कॉलर ने कहा कि वंश के पिता से कह देना कि मंगल बाजार की तरफ एक गता फैक्टरी है। उसके पास कल 10 लाख रुपये लेकर पहुंच जाएं। अगर पुलिस को बताने की कोशिश की तो वंश का क्या अंजाम होगा, वह तुम समझ ही सकते हो। परिजनों ने रात करीब 11 बजे नंदग्राम पुलिस को घटना की जानकारी दी।
दो घंटे तक नाक बाहर निकालकर पानी में छिपा रहा छात्र
परिजनों के मुताबिक जब अपहरणकर्ताओं ने वंश पर पत्थरों से हमला कर दिया। जान बचाने के लिए वंश ने मरने का नाटक किया, जिसके बाद वे वंश को हिंडन नदी में फेंक कर फरार हो गए। वंश करीब दो घंटे तक पानी से नाक बाहर निकालकर हिंडन में चुपचाप पड़ा रहा। जब उसे आरोपियों के जाने का भरोसा हो गया तो वह बाहर निकला और वाहन में लिफ्ट लेकर घर पहुंचा।
मुख्यारोपी की गिरफ्तारी के बाद खुलेगा राज
सीओ द्वितीय अवनीश कुमार का कहना है कि सर्विलांस टीम की मदद से सुशांत नाम के एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। वह भी नंदग्राम इलाके का ही रहने वाला है। अस्पताल में भर्ती वंश से आमना-सामना कराने पर यह बात सामने आई कि अपहरण चार लोगों ने नहीं, बल्कि सुशांत और उसके दोस्त सचिन ने ही किया था। सचिन मुख्य आरोपी है, जिसे वंश पहले से जानता है। लेकिन सचिन कहां का रहने वाला है, इसकी जानकारी वंश को नहीं है। सचिन की गिरफ्तारी के बाद घटना की वजह स्पष्ट हो सकेगी।
बार-बार फोन कर रहा था बाइक मालिक, इसलिए अधमरा छोड़कर भागे
पूछताछ में सुशांत ने बताया कि वह सचिन के कहने पर ही साथ गया था। वहीं, पुलिस की जांच में यह बात भी सामने आई है कि वंश को अगवा करने के लिए सचिन अपने किसी जानकार से बाइक उधार मांग कर लाया था। देर हो जाने के कारण बाइक का मालिक बार-बार सचिन को फोन कर रहा था, जिसके चलते वह वंश को अधमरा छोड़कर भाग आया था।