गाजियाबाद के विकास भवन में वोटर पर्ची के नाम पर उगाही का खेल


सूर्य प्रकाश,(गाजियाबाद)। अधिकारियों के तमाम दावों के बावजूद कर्मचारी इसे भुनाने में लगे हैं। इतना ही नहीं, अवसर को भुनाने का यह काम अधिकारियों की नाक के नीचे ही चल रही है। हम बात कर रहे हैं पंचायत चुनाव की अहम जिम्मेदारी निभाने वाले विकास भवन की। यहां वोटर पर्ची के नाम पर अवैध उगाही का खेल चल रहा है। कर्मचारियों ने जिला पंचायत और क्षेत्र पंचायत के प्रत्याशियों को वोटर पर्ची देने के लिए सेट बनवाए हुए हैं। जिन्हें देने की एवज में अच्छी-खासी रकम वसूली जा रही है। हालांकि, अधिकारी इस सबसे खुद को अनजान बताकर जांच के बाद कार्रवाई की बात कर रहे हैं।
निर्वाचन कार्य से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि पंचायत चुनाव में राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से पर्ची देने का प्रावधान नहीं है। चुनाव में लोग आधार कार्ड और पहचान पत्र से ही मतदान करते हैं। इसके बावजूद कर्मचारियों ने अपनी जेब गर्म करने के लिए नाम लिखी वोटर पर्चियों के सेट तैयार कर लिए हैं। सोमवार को विकास भवन जाने पर कर्मचारियों ने बीडीसी उम्मीदवार के समर्थक ने डासना देहात की वोटर पर्ची की सेट मांगा तो इसकी एवज में साढ़े 8 हजार रुपये की मांग की गई। समर्थक ने डासना देहात के एक निश्चित वार्ड की वोटर पर्ची मांगी तो कर्मचारियों ने देने से साफ इंकार कर दिया। उन्होंने हवाला दिया कि पूरी सेट है। एक वार्ड की वोटर पर्ची देने पर सेट खराब हो जाएगा। लिहाजा पूरे सेट के साढ़े 8 हजार रुपये देने होंगे।
विकास भवन में वोटर पर्ची लेने के दौरान खड़े अन्य लोगों ने बीडीसी समर्थक से कहा कि यह पर्ची मत लो। इतने पैसे खर्च करना सही नहीं है। बीडीसी को कभी-कभी जीतने के बाद दो हजार रुपये भी नहीं मिलते हैं। इसलिए किसी जिला पंचायत सदस्य के प्रत्याशी से सेटिंग करके बीडीसी की वोटर पर्ची ले लो। उससे खर्चा कम होगा।
प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि पंचायत चुनाव में कोई वोटर पर्ची नहीं दी जाती है। विधानसभा और लोकसभा चुनाव में निर्वाचन आयोग की तरफ से आदेश आते हैं और बीएलओ लोगों के घर-घर जाकर वोटर पर्ची उपलब्ध कराते हैं। वह पर्ची निशुल्क दी जाती है। उसमें कोई खर्चा नहीं होता है। जबकि पंचायत चुनाव में राज्य निर्वाचन आयोग की तरफ से इस तरह की कोई व्यवस्था नहीं है और न ही कोई आदेश है। वोटर लिस्ट में नाम होने पर कोई भी व्यक्ति पहचान पत्र और आधार कार्ड को दिखाकर वोट डाल सकता है।
नाम छपी पर्ची देना आचार संहिता का उल्लंघन
विभागीय अधिकारियों की मानें तो पंचायत चुनाव के दौरान कोई प्रत्याशी नाम और वार्ड की पर्ची लेकर घूम रहा है तो वह आचार संहिता का उल्लंघन है। वह कार्रवाई की श्रेणी में आता है। इसलिए पंचायत चुनाव में कोई भी व्यक्ति नाम से छपी हुई पर्ची लेकर नहीं घूम सकता है।
अधिकारियों को नहीं है जानकारी
कर्मचारी प्रत्याशियों से ऑर्डर लेकर वोटर पर्ची बनाकर विकास भवन स्थित कार्यालय से बेच रहा है। यहां तमाम वरिष्ठ अधिकारी बैठते हैं, लेकिन किसी को इस बात की भनक तक नहीं है। कई अधिकारियों का कहना है कि उन्हें इस संबंध में जानकारी नहीं है। न ही इससे उनका कोई लेना देना है।