मास्क नहीं पहनने पर काटा चालान तो पीएम-सीएम के नाम की धमकियां देने लगे राम जन्मभूमि न्यास के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष


दमोह। मध्य प्रदेश में दमोह जिले के पथरिया तहसील के संजय चौराहे पर पुलिस और तहसीलदार ने जब बिना मास्क लगाए एक वाहन चालक औऱ उसके बगल में बैठे व्यक्ति पर कार्यवाही की तो वह दुनिया भर की दलीलें देने लगा। खुद की गलती न मानते हुए जुर्माने की रसीद को प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और गृहमंत्री तक पहुंचाने की धमकियां देने लगा। ताज्जुब यह कि वाहन की अगली सीट पर बैठे शख्स राम मंदिर निर्माण न्यास के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष आत्मानंद सरस्वती जी महाराज थे।
पथरिया के संजय चौराहे पर तहसीलदार आलोक जैन और थाना प्रभारी ब्रजेश पांडे अपने दल सहित ड्यूटी पर तैनात थे। तभी एक सफेद रंग की एक्सयूवी आई जिसके आगे नाम पट्टी पर आत्मानन्द सरस्वती लिखा था। पुलिसकर्मियों ने उनकी गाड़ी को रोका क्योकि ड्राइवर औऱ उसके बगल में बैठे स्वामी जी ने मास्क नहीं लगाया हुआ था।
तहसीलदार और पुलिस की टीम ने पहले उनसे सम्मानपूर्वक मास्क लगाने को कहा, लेकिन वे नहीं माने। पुलिस की टीम ने फिर चालान की प्रक्रिया शुरू की। इसके बाद तो स्वामी जी ने वहीं बैठे-बैठे प्रवचन से लेकर धमकियां तक दे डालीं। उन्होंने कहा कि वे अभी 70 मजदूरों को खाना खिला कर आए हैं। फिर कहा कि कोरोना काल में वे लगातार सामाजिक कार्य कर रहे हैं। उन्होंने ये भी कहा कि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सलाह पर अमल करते हैं। उन्होंने मास्क नहीं लगाया क्योंकि इससे उन्हें घुटन होती है और प्रधानमंत्री का कहना है कि सब लोग अपनी सुरक्षा खुद करें।
स्वामी जी इतने पर ही नहीं रुके। उन्होंने पुलिसकर्मियों से कहा कि वे चालान की रसीद प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और गृह मंत्री को भेजेंगे। लगातार बहस और कुतर्क करते हुए वे प्रशासन के अमले को अप्रत्यक्ष धमकियां देते रहे। हालांकि, उनका कोई शिगूफा काम नहीं आया और अमले ने उनका चालान बना दिया।