पुणे में लगा आंशिक लॉकडाउन, शहर में अगले सात दिनों तक 'मंदिर, बस सेवा और होटल बंद रहेंगे'


  • पहले से तय शादी समारोह में सिर्फ 50 लोग ही शामिल हो सकते हैं
  • पुणे शहर के सभी धार्मिक स्थलों और बस सेवा को भी आगामी 7 दिनों तक बंद रखने का फैसला किया गया है
  • 30 अप्रैल तक सभी स्कूल और कॉलेज बंद रहेंगे
  • पुणे शहर में बार, रेस्टोरेंट और होटल 7 दिन के लिए बंद रहेंगे
पुणे। पुणे शहर के डिविजनल कमिश्नर सौरभ राव ने कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए बड़ा ऐलान किया है। उनके मुताबिक अब पुणे शहर में बार, रेस्टोरेंट और होटल 7 दिन के लिए बंद रहेंगे, सिर्फ पार्सल सेवा शुरू रहेगी। शहर के सभी धार्मिक स्थलों को आगामी 7 दिनों के लिए बंद रखा गया है। पुणे में चलने वाली बस सेवा को भी 7 दिनों तक बंद रखने का फैसला किया गया है। इस दौरान सभी राजनीतिक और सामाजिक कार्यक्रम भी बंद रहेंगे।
पहले से तय शादी समारोह में सिर्फ 50 लोग ही शामिल हो सकते हैं जबकि अंतिम संस्कार में 20 लोगों की अनुमति होगी। शाम 6 बजे से लेकर सुबह 6 बजे तक कर्फ्यू का ऐलान आगामी एक सप्ताह के लिए किया गया है। दोपहर के दौरान धारा 144 शहर में एक सप्ताह तक लागू रहेगी। 7 दिन बाद हालात का जायजा लेकर आगे फैसला लिया जाएगा। इस दौरान नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। 30 अप्रैल तक सभी स्कूल और कॉलेज बंद रहेंगे।
आपको बता दें कि पुणे शहर में कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए राज्य के उपमुख्यमंत्री और शहर के संरक्षक मंत्री अजित पवार ने आज शहर में अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक की थी । इस बैठक में शहर के अंदर तेजी से फैलते कोरोना के हालात पर समीक्षा की गई, जिसके बाद यह अहम फैसला लिया गया है।
कोरोना के बढ़ते खतरे को देखते हुए राज्य में मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने नाइट कर्फ्यू का पहले से ही एलान किया हुआ है। राज्य में लॉकडाउन लगाने की तैयारियां चल रही है। अगर इसी प्रकार हालात बेकाबू होते रहे तो सरकार लॉकडाउन भी लागू कर सकती है। फ़िलहाल मौजूदा हालत को देखते हुए आज मुख्यमंत्री शाम साढ़े आठ बजे राज्य की जनता को सम्बोधित करेंगे।
पुणे में कोरोना के मामले
वहीं पुणे शहर में कोरोना के चलते 65 लोगों की मौत हो गयी है। साल 2021 में एक दिन में सबसे ज्यादा मौतें पुणे में दर्ज की गई हैं। बीते 24 घंटों में 8011 कोरोना के नए मामले सामने आए हैं जबकि 5017 लोग ठीक होकर घर गए हैं। जिले में कुल मरीजों की संख्या 5 लाख 42हज़ार 422 तक पहुंच गई है। जबकि अबतक कुल 4 लाख 67 हज़ार 714 मरीज ठीक होकर घर जा चुके हैं।