सिस्टम से हार चुके बीएसएफ जवान की पत्नी हार गई जिंदगी की जंग


रीवा,(मध्य प्रदेश)। अपनी कोरोना संक्रमित पत्नी को कार में लेकर 8 घंटे तक अस्पतालों के चक्कर काटने वाले बीएसएफ जवान की कोशिशें नाकाम रहीं। देश की सीमा पर दुश्मनों से लोहा लेने वाला जवान सिस्टम से पहले ही हार चुका था। रीवा के संजय गांधी अस्पताल में चार दिन इलाज के बाद शनिवार को उनकी पत्नी की भी मौत हो गई। शनिवार शाम जवान विनोद तिवारी ने मीडियाकर्मियों को खुद यह जानकारी दी। बीते मंगलवार की शाम विनोद तिवारी की ऐसी तस्वीर सामने आई थी जिसे देखकर हर किसी का दिल पसीज गया था। बॉर्डर सिक्योरटी फोर्स में तैनात जवान अपनी कोरोना संक्रमित पत्नी को इलाज के लिए कार में लेकर रोते-बिलखते 8 घंटों तक दर-दर की ठोकरें खाता रहा, लेकिन उसे किसी ने सही रास्ता नहीं दिखाया। पत्नी को जीवित रखने की चाह और आंखों में आंसू लिए जवान ने सुबह 6 बजे से शाम 4 बजे तक कई निजी अस्पतालो के चक्कर लगाए, लेकिन कही भी उसका इलाज नही किया गया। अंत में वह संजय गांधी अस्पताल पहुंचा, लेकिन वहां मौजूद कर्मचारियों ने भी उसे नजरअंदाज करने की कोशिश की। बाद में बीएसएफ जवान की नजर मीडियाकर्मियों पर पड़ी। उन्होंने मदद भरी निगाहों से हाथ जोड़कर मीडियाकर्मियों को अपनी दासतां सुनाई। फिर मीडिया के दखल पर उनकी पत्नी को संजय गांधी स्मारक चिकित्सालय में भर्ती कराया गया था।
शनिवार शाम अस्पताल में मिले बीएसएफ जवान विनोद तिवारी से मीडियाकर्मियों ने जब उनकी पत्नी का हाल जानना चाहा तो उनकी आंखों से आंसू निकल पड़े। उन्होंने पत्नी का निधन होने की जानकारी दी। आंखों में आंसू लिए उन्होंने बताया कि उनका 13 साल का एक बेटा है और 8 साल की एक बेटी है। दोनों बच्चों को पता भी नहीं है कि उनकी मां अब इस दुनिया मे नहीं रही। कोरोना प्रोटोकॉल के तहत उनकी पत्नी के शव का अंतिम संस्कार किया जाएगा और घर पर अपनी मां का इंतजार कर रहे बच्चों को अंतिम दर्शन भी नहीं होंगे।
सीधी जिले के रहने वाले विनोद तिवारी बॉर्डर सिक्योरिटी फ़ोर्स त्रिपुरा में 3 बटालियन में पदस्थ हैं। वे चार दिनों की छुट्टी पर रीवा आए हुए थे। मंगलवार की सुबह उनकी पत्नी श्यामवती तिवारी की अचानक तबियत खराब हो गई। सुबह 6 बजे विनोद तिवारी पत्नी को जिला अस्पताल लेकर गए जहां उनकी कोरोना जांच की गई। जांच में उनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। पत्नी के सीने में काफी दर्द था और उन्हें सांस लेने में भी दिक्कत हो रही थी।