तीन घंटे तक एक-एक सांस के लिए तड़पती रही महिला, अस्पताल के बाहर तोड़ा दम


ग्रेटर नोएडा। बीते साल कोरोना काल में अपने काम के दम पर खुद को प्रदेश में अव्वल साबित करने वाले राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान (जिम्स) संस्थान के डॉक्टरों की संवदेना मर चुकी है। जिम्स में गुरुवार को उपचार कराने पहुंची एक महिला मरीज की तबीयत लगातार बिगड़ते देखने के बाद भी यहां के डॉक्टरों ने उसे भर्ती तो दूर जांच करने की भी जहमत नहीं उठाई। जिसके कारण महिला मरीज ने अपनी कार में ही तड़प-तड़प कर दम तोड़ दिया। 
लगातार बढ़ते संक्रमण के बीच जिम्स के डॉक्टरों की संवेदनहीनता और लचर चिकित्सा व्यवस्था के चलते बीटा-दो सेक्टर की रहने वाली महिला जागृति गुप्ता अपनी कार में करीब तीन घंटे तक तड़पती रही। परिजन उसे तुरंत उपचार देने की गुहार लगाते रहे, लेकिन उसे कोई डॉक्टर देखने नहीं आया, न ही उसे अस्पताल में भर्ती किया गया।