ऑक्सिजन सिलिंडर के फ्लो मीटर की कालाबाजारी, एनजीओ से 1300 में खरीदकर जरूरतमंदों को 15 हजार में बेचते थे


कानपुर ब्यूरो। कोरोना ने पूरे उत्तर प्रदेश को अपनी चपेट में ले लिया है। प्रदेश के प्रमुख शहरों में ऑक्सिजन सिलिंडर, रेमडेसिविर इंजेक्शन और बेड नहीं मिल रहे हैं। संकट की इस घड़ी में मुनाफाखोर लोगों की जिंदगी का सौदा कर रहे हैं। कानपुर पुलिस ने ऑक्सिजन सिलिंडर में लगने वाले फ्लो मीटर की कालाबाजारी करने वाले दो सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने बताया है कि एक एनजीओ से 1300 में फ्लो मीटर खरीदते थे। जरूरतमंदों को यही फ्लो मीटर 10 से 15 हजार में बेच देते थे।
सीसामऊ पुलिस को जानकारी मिली थी कि बेनाझाबर में रहने वाला पदम राज नाम का शख्स ऑक्सिजन सिलिंडर में लगने वाला फ्लो मीटर की ब्लैक मार्केटिंग कर रहा है। पुलिस ने कालाबाजारी करने वालों को दबोचने के लिए जाल बिछाया। पुलिस ने ग्राहक बनकर संपर्क किया और एक फ्लो मीटर की डिलीवरी करने की बात तय हुई, यह डील 10 हजार रुपये में हुई।
पदम राज ने प्रशांत गौतम नाम के कर्मचारी को फ्लो मीटर की डिलीवरी देने के लिए पी रोड भेजा था। पुलिस ने प्रशांत गौतम को फ्लो मीटर के साथ दबोच लिया। इसके बाद पुलिस ने प्रशांत गौतम के माध्यम से पदम राज को फोन करा कर और अधिक फ्लो मीटर का ऑर्डर दिया। जब पदम राज फ्लो मीटर देने के लिए आया तो पुलिस ने उसे भी दबोच लिया।
एनजीओ के खिलाफ भी हो सकती है कार्रवाई
इंस्पेक्टर रमाकांत पचौरी ने बताया कि पकड़े गए आरोपियों ने पूछताछ में बताया है कि एक एनजीओ से 1300 में फ्लो मीटर खरीदते थे। इसके बाद जरूरतमंद लोगों कई गुना ऊंची कीमत पर बेचते थे। पकड़े गए आरोपी एक दर्जन से अधिक फ्लो मीटर बेच चुके हैं। आरोपियों ने जिस एनजीओ का नाम बताया है, उसकी भूमिका की जांच की जा रही है। यदि जांच में दोषी पाए जाएंगे तो एनजीओ संचालक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।