गोरखपुर में 4 घंटे के वसूले 51 हजार, अस्पताल सील कर केस दर्ज


गोरखपुर। उत्तर प्रदेश के गोरखपुर मेडिकल कॉलेज रोड स्थित बद्रिका हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर को जिलाधिकारी के आदेश पर सील कर दिया गया। आरोप है कि अस्पताल संचालकों ने इलाज के नाम पर कोरोना संक्रमित परिजनों से अवैध वसूली की, जिसके बाद पीड़ित परिजनों ने मंडलायुक्त से अस्पताल संचालक के खिलाफ अवैध वसूली का शिकायत की थी। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने अस्पताल को सील करने का आदेश देते हुए अस्पताल के प्रबंधक सौरभ कुमार और कर्मचारी राजेश जायसवाल के खिलाफ केस दर्ज कराया है।
4 घंटे का वसूला 51 हजार रुपये, बिल बनाए 27 हजार
हुमायूंपुर निवासी उदय प्रताप सिंह ने बताया कि उनकी भाभी नीलम सिंह कोरोना संक्रमित थीं। 30 अप्रैल को बद्रिका हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर में एडमिट कराया। यहां चार घंटे का अस्पताल संचालकों ने संक्रमित के परिजनों से 51 हजार रुपये वसूले और 27 हजार का बिल बनाया, जिसके बाद उदय ने मंडलायुक्त से अस्पताल के खिलाफ मनमाना पैसा वसूलने की शिकायत की थी।
अस्पताल संचालकों ने शव से निकाल लिए थे गहने
इसी तरह बांसगांव के बबलू ने आरोप लगाया है कि बीते 28 अप्रैल को अपनी बीमार मां गंगोत्री देवी को बद्रिका हॉस्पिटल में एडमिट कराया था। यहां उनसे 1.10 लाख रुपये की मांग की गई। उन्होंने 70 हजार रुपये जमा कर मां को एडमिट कराया। दूसरे दिन अस्पताल संचालकों ने शेष 40 हजार रुपये की मांग की तो उन्होंने अपनी मां को देखने के लिए कहा। इस पर अस्पताल संचालकों ने उन्हें नर्सिंग होम के अंदर जाने से रोक लिया। शंका होने पर बबलू ने एक चिकित्सक से बात की तो पता चला कि उनकी मां की मौत हो चुकी है। उधर, जब शव मिला तो बॉडी से मां के गहने गायब थे। बबलू ने अवैध वसूली और शव से गहने चुराने का आरोप लगाते हुए मंडलायुक्त से शिकायत की थी।
जांच में शिकायत सही मिली
मंडलायुक्त के निर्देश पर जिलाधिकारी ने जांच की तो शिकायत सही मिली। जिलाधिकारी के. विजेंद्र पांडियन ने अस्पताल को सील करते हुए प्रबंधक सौरभ और कर्मचारी राजेश के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का निर्देश दिया है। उधर, एसपी नार्थ मनोज कुमार अवस्थी ने बताया कि नर्सिंग होम के प्रबंधक और कर्मचारी के विरुद्ध महामारी ऐक्ट, जालसाजी सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज किया गया है।