रकम दोगुनी करने का लालच, 50करोड़ लेकर फरार, मुरादाबाद में 'चिटफंड घोटाला'


  • एजेंटों ने अपने साथी रिश्तेदारों के रुपये जमा कर दिए
  • पांच साल पूरा होते ही कंपनी का कार्यालय हुआ बंद
  • पुलिस दोषियों पर कार्रवाई की बात कह रही
मुरादाबाद,(उत्तर प्रदेश)। यूपी के मुरादाबाद में चल रही एक और चिट फंड कंपनी हजारों लोगों के करोड़ों रुपये लेकर फरार हो गई। मोटा मुनाफा और पांच साल में रकम दोगुनी देने का आश्वासन देकर कंपनी स्वामियों ने लोगों का करीब 50 करोड़ रुपया जमा करवा लिया। मोटे मुनाफे के लालच में कंपनी के एजेंट बने लोगों ने अपने परिचितों की भी रकम जमा करवा दी।
मैच्योरिटी का वक्त पूरा होने के बाद सभी रकम लेकर फरार हो गए। कई दिन तक चक्कर लगाने के बाद एजेंटों को कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो वह सोमवार को भड़क गए। सैकड़ों की संख्या में पहुंचे एजेंटों ने कंपनी के डायरेक्टर के घर के सामने जमकर हंगामा किया। इस दौरान एक एजेंट बेहोश भी हो गया। माहौल बिगड़ता देख मोहल्ले वालों की सूचना पर सिविल लाइंस पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने मामले की जांच कर रिपोर्ट दर्ज करने का आश्वासन देकर लोगों को शांत कराया।
हंगामा सोमवार को सिविल लाइंस कोतवाली क्षेत्र में आशियाना फेस टू पर हुआ। जिले के कई गांवों के ग्रामीण दोपहर को यहां पर रहने वाले अजय यादव के घर के सामने जुटे और हंगामा करने लगे। उनका कहना था कि अजय यादव ने अपनी पत्नी गीता यादव, बेटे अभिषेक यादव समेत कई लोगों के साथ मिलकर जनहित मैच्युल बेनिफिट निधि लिमिटेड, जनहित प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड और जनहित निधि लिमिटेड के नाम से चिटफंड कंपनी खोली थी।
लोगों को दिया लालच
सोनकुपर स्टेडियम के अलावा जिले में कई स्थानों पर कंपनी के कार्यालय खोले गए थे। हंगामे में शामिल आशियाना फेस टू निवासी नवनीत कुमार ने बताया कि कंपनी एफडी और आरडी करती है। कंपनी से पालिसी कराने पर पांच साल बाद रकम दोगुनी मिलेगी। इसके अलावा अगर वह कंपनी का एजेंट बनकर किसी दूसरे की पालिसी कराते हैं तो उस पर मोटा मुनाफा दिया जाएगा।
लोगों के रुपयों से खरीदी जमीन
नवनीत के अनुसार, उसने खुद और अपने परिचितों का करीब एक करोड़ रुपया लगवा दिया। इसी तरह सैकड़ों लोगों ने खुद के साथ ही अपने मिलने वालों की रकम कंपनी के खातों में जमा करा दी। हंगामा करने वालों का कहना था कि वर्ष 2015 से वह कंपनी के एजेंट के रूप में काम कर रहे हैं, अब जब मैच्योरिटी का समय पूरा हुआ तो कार्यालय बंद करके फरार हो गए। कई बार फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया तो भरोसा दिलाया गया कि जमा हुई रकम से जमीन खरीदी गई है, जिसे बेचकर सभी की रकम अदा कर दी जाएगी, लेकिन लंबा वक्त होने के बाद भी न तो रकम वापस कर रहे हैं और न ही कोई जवाब दे रहे हैं।
पुलिस ने कहा-दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी
सिविल लाइंस कोतवाली प्रभारी सहंसवीर सिंह ने कहा कि हंगामे की सूचना मिलने पर फोर्स को भेजा गया था। चिट फंड कंपनी के फरार होने का मामला सामने आया है। मामले की जांच कर उच्चाधिकारियों को अवगत कराया जाएगा। इसके बाद रिपोर्ट दर्ज कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।