जिसे वन विभाग वाले सियार बताते रहे, जब लोगों पर हमला किया तो पता चला बाघिन है


बरेली,(उत्तर प्रदेश)। वन विभाग की टीम जिस जानवर को सियार बताकर लोगों से निश्चिंत रहने कह रही थी, उस जानवर ने जब दो लोगों पर प्राण घातक हमला करके बुरी तरह से जख्मी कर दिया, तब वन विभाग ने माना कि वह सियार नहीं, बाघिन है। घटना उत्तर प्रदेश के बरेली जिले के मीरगंज तहसील क्षेत्र में रामगंगा खादर के गोरा हेमराजपुर गांव की है। यहां पिछले कई दिनों से बाघिन की दहशत के साये में जी रहे लोगों पर रविवार शाम वह आफत बनकर टूट पड़ी। गांव में गन्ने की फसल में पानी लगाने के लिए पहुंचे चौधरी धर्मपाल सिहं और चंद्रपाल मौर्य पर बाघिन ने अचानक हमला कर दिया।
चीख-पुकार सुनकर आसपास के खेतों में काम कर रहे अन्य लोगों ने लाठी-डंडे से बाघिन को भगाया। दौड़ाने पर बाघिन जंगल मे भाग गई, जबकि दोनों घायलों को उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।
बाघिन को पकड़ने में जुटी वन विभाग की टीम
दो लोगों पर हमला होने के बाद वन विभाग के अफसर अब जागे हैं। घटनास्थल पर बाघिन के पदचिह्न पाए गए हैं। उसके आधार पर वन विभाग की टीम बाघिन तक पहुंचने के लिए गांव के आसपास के जंगल में कांबिग में जुटी हुई है। हालांकि, सोमवार शाम तक बाघिन का पता नहीं चल सका। वहीं, दो लोगों पर हमले के बाद आसपास के गांवों में बाघिन को लेकर दहशत बढ़ गई है।
कई दिनों से देखी जा रही थी बाघिन
गोरा हेमराजपुर गांव के आसपास के लोग कई दिनों से बाघिन की आमद और आहट को महसूस कर रहे थे। लोगों ने बाघिन को गांव के आसपास जंगल और खेतों में घूमते देखा था। इसकी सूचना लोगों ने वन विभाग को दे दी थी।
सियार होने की बात कह कर चले गए थे वन विभाग के कर्मी
कुछ दिन पहले लोगों को जब बाघिन दिखी तो उन्होंने वन विभाग को सूचना दी। रेंज कार्यालय से दो कर्मचारियों भेजे गए। लोगों ने दोनों को पैरों के निशान भी दिखाए, लेकिन वे दोनों बाघिन नहीं, बल्कि सियार होने की बात कहकर लौट गए।
उन्होंने लोगों से कहा कि डरो मत बाघ- बाघिन नहीं है, सियार है, कुछ नहीं होगा, बेफिक्र रहो। वहीं, अब वन विभाग की टीमें बाघिन को पकड़ने में जुटी हुई हैं। वन रेंजर संतोष कुमार के नेतृत्व में अभियान चलाया जा रहा। उनके मुताबिक, जल्द ही पिंजरा लगाकर बाघिन को पकड़ा जाएगा। गांव वालों से भी अलर्ट रहने को कह दिया गया है।