गाजियाबाद के दो पीसीएस अधिकारियों पर शिकंजा

सूर्य प्रकाश,(गाजियाबाद)। मुश्किल घड़ी में शासकीय कार्यों का निर्वहन न करने और लंबे समय तक छुट्टी पर रहने के कारण दो पीसीएस अधिकारियों पर कार्रवाई की तलवार लटक गई है। एडीएम प्रशासन और एडीएम भूअर्जन के खिलाफ शासन से अनुशासनात्मक कार्रवाई करने की संस्तुति की गई है। पूरे मामले में कार्मिक विभाग, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव को रिपोर्ट भेजी गई, जिसमें कहा गया कि महामारी के वक्त दोनों अधिकारी कोरोना रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद भी जानबूझकर शासकीय कार्यों से दूर रहे। यहां तक कि इन्होंने अन्य अधिकारियों से समन्वय करना भी मुनासिब नहीं समझा। जबकि दोनों ही अधिकारी एसिंप्टोमेटिक थे और पूरी तरह से स्वस्थ थे और करीब एक सप्ताह से भी कम समय में इनकी रिपोर्ट निगेटिव आ गई थी लेकिन दोनों अधिकारी महामारी के समय घर से बाहर नहीं निकले और न ही फोन पर समन्वय किया। नोडल अधिकारी ने संस्तुति किए जाने की पुष्टि की है।
नोडल ऑफिसर की तरफ की संस्तुति पर मुख्यमंत्री कार्यालय ने भी संज्ञान ले लिया है और कार्मिक विभाग को निर्देश दिया है कि वो मामले में तत्काल उचित कार्रवाई करे। इसके बाद संभावना जताई जा रही है कि दोनों अधिकारियों पर कार्रवाई होना लगभग तय है। बताया जा रहा है कि कोरोना के चलते हालात बिगड़ने पर शासन की तरफ से नोडल ऑफिसर डॉ. सेंथिल पांड्यिन सी को भेजा गया। उन्होंने 28 अप्रैल को गाजियाबाद में कोरोना की स्थिति में प्रशासनिक व स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ बैठक की, जिसमें जिले के कई अधिकारी अनुपस्थिति थे। अन्य अधिकारियों की तरफ से जानकारी दी कि तीन एडीएम कोरोना संक्रमित है। ऐसे में प्रशासनिक स्तर पर कामकाज कराने में खासी दिक्कतें हुई। यहां तक की कोरोना संक्रमित होने पर छुट्टी पर गए दोनों एडीएम (प्रशासन व भूअर्जन) ने नोडल ऑफिसर समेत अन्य अधिकारियों के फोन तक नहीं उठाए, जिससे प्रशासनिक स्तर पर दवाओं व अन्य सामान की खरीद का काम अटक गया। क्योंकि कुछ फाइलें इन्हीं अधिकारियों के दफ्तरों में थी लेकिन कोरोना संक्रमित होने पर फाइलें लौट कर नहीं आईं।
22 अप्रैल से थे अवकाश पर, नहीं लौटे काम पर
बताया जा रहा है कि नोडल ऑफिसर के गाजियाबाद आने के पहले से एडीएम छुट्टी पर चल रहे थे। 22 अप्रैल को उन्होंने कोरोना संक्रमित होने पर छुट्टी ली, जिसमें से एक की रिपोर्ट 27 अप्रैल को और दूसरे की 28 अप्रैल को निगेटिव आ गई थी। दोनों ही अधिकारियों में कोरोना के कोई लक्षण भी नहीं था।
एडीएम वित्त एवं राजस्व की प्रशंसा
शासन को भेजी गई रिपोर्ट में एडीएम वित्त एवं राजस्व के कार्यों की प्रशंसा भी की गई। रिपोर्ट में लिखा गया कि कोरोना संक्रमण के चलते उनकी स्थिति कहीं ज्यादा खराब थी। काफी दिनों तक बुखार में थे लेकिन उसके बाद भी वो फोन पर सभी अधिकारियों के संपर्क में रहे और जरूरत होने पर घर से अहम कार्य भी उन्होंने निपटाए।