मानव तस्करों का शिकार बनी महिला, कानपुर पुलिस ने कराई वतन वापसी


कानपुर ब्यूरो। भारतीय दूतावास की मदद से कानपुर कमिश्नरेट क्राइम ब्रांच पुलिस ने एक और पीड़ित महिला की ओमान से वतन वापसी कराई है। पंजाब के जालंधर में रहने वाली एक महिला को डेढ़ साल पहले विदेश में अच्छी नौकरी का प्रलोभन देकर ओमान भेजा गया था। महिला जब ओमान पहुंची तो उसकों बंधुआ मजदूर बनाकर अमानवीय व्यवहार किया गया। शुक्रवार को पीड़िता ओमान से दिल्ली एयरपोर्ट पहुंची। पीड़िता को कानपुर क्राइम ब्रांच की टीम और उसके परिजनों ने एयरपोर्ट पर रिसीव किया। हिंदूस्तान की जमीन पर कदम रखते ही पीड़िता की आंखों से आंसू छलक पड़े, और फूट कर रोने लगी।
उन्नाव जिले के रहने वाले राजमिस्त्री ने बीते 09 अप्रैल को कर्नलगंज थाना में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। राज मिस्त्री ने बताया था कि मेरी पत्नी (40) को अतीकउर्र रहमान और मुज्जमिल ओमान में एक हॉस्पिटल में नौकरी लगवाने का झांसा दिया था। हॉस्पिटल में 80 से 01 लाख रुपए प्रतिमाह की नौकरी दिलवाने के सपने दिखाए थे। टूरिस्ट वीजा पर पत्नी को बीते 5 जनवरी 2021 को ओमान भेज दिया गया था। एक दिन पत्नी का फोन आया तो उसने बताया कि मुझे यहां पर बेच दिया गया है।
क्राइम ब्रांच को दिया गया था मामला
मानव तस्करी का यह मामला डीसीपी क्राइम सलमान ताज पाटिल को सौंपा गया था। इस मामले में क्राइम ब्रांच की टीम ने मानव तस्करी करने वाले दो एजेंट अतीकउर्र रहमान और मुज्जमिल को अरेस्ट किया था। दोनों ही ऐजेंट कानपुर और उन्नाव से 18 महिलाओं को खाड़ी देशों में भेज चुके थे। जब यह महिलाएं ओमान, सउदी अरब, कतर, कुवैत जैसे देशों में पहुंचती है, तो इन्हे वहां बेच दिया जाता है। इसके एवरेज में अतीकउर्र रहमान और मुज्जमिल 25 से 30 हजार रुपए कमीशन मिलता था। दोनों एजेंट जेल में हैं, इन एजेंटो के संपर्क में कई बड़ी ट्रैवल्स एजेंसियां है।
पीड़िता की बेटी थी पुलिस के सपंर्क में
पंजाब की रहने वाली पीड़िता की बेटी कानपुर कमिश्नरेट पुलिस के संपर्क में थी। क्यों कि कानपुर क्राइम ब्रांच पुलिस उन्नाव में रहने वाले राजमिस्त्री की पत्नी की ओमान से घर वापसी कराई थी। पंजाब के जालंधर में रहने वाली पीड़िता की बेटी लगातार कानपुर पुलिस से अपनी मां की घर वापसी की गुहार लगा रही थी।
पीड़िता के घर छोड़ने जाएगी पुलिस
क्राइम ब्रांच ने विदेश मंत्रालय और ओमान में भारतीय दूतावास से संपर्क किया। डीसीपी क्राइम सलमान ताज पाटिल लगातार भारतीय दूतावास के संपर्क में बने रहे। पंजाब में रहने वाली महिला को ओमान से दिल्ली एयरपोर्ट के लिए रवाना किया गया। कानपुर क्राइम ब्रांच की टीम ने महिला को दिल्ली एयरपोर्ट में रिसीव किया। इसके बाद महिला को नोएडा ले गए, जहां पर उसके बयान दर्ज कराए गए। इसके बाद पीड़िता को पुलिस पंजाब के जालंधर स्थित घर छोड़ने के लिए जाएगी।
डीसीपी क्राइम सलमान ताज पाटिल का कहना है कि इस प्रकरण में जितनी महिलाएं सीधे कानपुर पुलिस के संपर्क में आईं हैं। उनमें अन्य जिले की महिलाएं भी शामिल हैं। अन्य जिलों की जो महिलाएं है, वहां के अधिकारियों से संपर्क किया जा रहा है। पीड़ित महिलाओं को देश वापस लाने में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी।