गिरफ्तारी से बचने को खुद ही हाथ-पैरों में ठोंक ली कीलें


बरेली। यूपी के बरेली जिले में गिरफ्तारी से बचने के लिए पुलिस पर हमला करने के एक आरोपी ने ऐसा कृत्य किया कि देखने वालों का कलेजा कांप जाए। उसने पुलिस पर हाथ-पैरों में कीलें ठोकने का सनसनीखेज आरोप लगाया था लेकिन जब जेल जाने की नौबत आई तो खुद ही ऐसा करने की बात कुबूल ली। युवक रंजीत ने कहा कि पुलिस उसे गिरफ्तार न करे, इसलिए उसने खुद ही अपने हाथों और पैरों में कीलें ठोंक लीं और आरोप पुलिसकर्मियों पर लगा दिया। रंजीत ने इस सच का खुलासा पुलिस कार्यालय में मीडिया के सामने भी किया।
दरअसल 24 मई की रात रंजीत बरेली शहर के बारादरी थाना क्षेत्र स्थित मोहल्ला जोगीनवादा में घर के सामने बिना मास्क के घूम रहा था। वह नशे में भी था। गश्त पर निकले पुलिसकर्मियों ने उसे मास्क के लिए टोका तो वह उनसे भिड़ गया और मारपीट भी की। पुलिस वाले उसे पकड़कर पास में ही स्थित जोगीनवादा पुलिस चौकी ले आए और उसके खिलाफ हमला करने, सरकारी काम मे बाधा डालने और महामारी अधिनियम की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया। अगले दिन रंजीत को जेल भेजा जाना था लेकिन मौका देख वह रात को ही फरार हो गया। पुलिस की फिरफ्त से फरार होने के बाद रंजीत जोगी नवादा में अपने परिचित मैसर के जरी कारखाना पर पहुंचा और वहां उसने खुद को बचाने और पुलिसकर्मियों को फंसाने के लिए खतरनाक योजना बना ली।
रंजीत ने खुलासा किया कि उसने उलटे पैर के अंगूठे और उंगली में कील फंसाकर अपने हाथ और दूसरे पैरों में ठोंक ली और उसके अगले दिन अपनी मां शीला को लेकर एसएसपी के समक्ष पेश हो गया और पुलिसकर्मियों पर इस अमानवीय कृत्य का आरोप लगाने लगा।एसएसपी रोहित सजवाण ने रंजीत से पूछा अपने ही हाथ-पैरों में कीलें ठोंकते उसे दर्द नहीं हुआ, तो वह बोला- बिल्कुल नहीं। आप चाहे तो कीलें मंगा लीजिए फिर ठोंककर दिखा दूंगा।