कानपुर में पान की गुमटी से लेकर परचून की दुकान तक में बेची जा रही शराब, पुलिस देख तस्कर नदी में कूदकर हुए फरार


कानपुर ब्यूरो। अलीगढ़ शराब कांड में हुई मौतों के बाद कानपुर में अलर्ट जारी कर दिया गया है। आबकारी विभाग की टीम स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर बिधनू, घाटमपुर, साढ़ के ग्रामीण क्षेत्रों में छापेमारी कर रही है। कच्ची शराब तस्कर पुलिस से ज्यादा होशियार निकले। पुलिस ने रिंद नदी के किनारे तस्करों को दबोचने के लिए कई किलोमीटर तक घेराबंदी की थी। लेकिन पुलिस को देखते ही कच्ची शराब तस्कर नदी में कूदकर तैरते हुए, फतेहपुर जिले की सीमा में प्रवेश कर फरार हो गए।
कानपुर के ग्रामीण इलाकों में पान गुमटियों और परचून की दुकानों में देसी शराब खुले आम बिकती है। जबकि मिलावटी शराब पीने से बड़ी संख्या में ग्रामीण दम तोड़ चुके है। बीते शनिवार को आबकारी विभाग की टीम ने बिधनू पुलिस के साथ मिलकर हरबसपुर, नगवां और जामू गांव में छोपमारी की थी। जामू गांव में एक परचून की दुकान से पुलिस ने 39 क्वाटर के साथ एक यवुक को गिरफ्तार किया है। युवक के पास से एक तंमचा भी बरामद हुआ है। आबकारी निरीक्षक दीपा केसरी ने बताया कि यहां पर परचून की दुकान में देसी शराब बेची जा रही थी। पकड़ी गई देसी शराब के सैंपल को जांच के लिए भेजा जाएगा।
फतेहपुर के कच्ची शराब तस्करों ने कानपुर में बनाई है पैठ
साढ़ थाना क्षेत्र का एक बड़ा हिस्सा फतेहपुर जिले की सीमा से लगता है। फतेहपुर सीमा से लगे गांवों में बड़ी संख्या में कंजड़ समाज के लोग रहते है। इस समाज के लोग कच्ची शराब बनाने और उसकी तस्करी करने का काम करते है। फतेहपुर के शराब तस्कर कानपुर के साढ़ क्षेत्र में कुढ़नी, बरूईगढ़, सुंदरपुर, मोहम्मदपुर, समेत दर्जनों गांव में बड़ी मात्रा में कच्ची शराब की तस्करी करते है। शराब तस्कर सड़क के रास्ते नहीं बल्कि नदी के रास्ते तस्करी करते हैं। शराब तस्करों के एजेंट हर एक गांव में मौजूद हैं। एजेंटों ने गांव में अपनी पैठ बना रखी है।
साढ़ पुलिस को सूचना मिली थी कि शराब तस्कर नदी के रास्ते कानपुर की सीमा में आने वाले हैं। साढ़ थाना प्रभारी संतोष सिंह फोर्स के साथ नदी के किनारे कई किलोमीटर तक घेराबंदी की थी। शराब तस्कर नदी के रास्ते कानपुर सीमा की तरफ आए तो, लेकिन पुलिस को देखकर फिर से कूदकर भाग गए। वहीं साढ़ पुलिस हाथ मलती रह गई।