फैक्ट्री के अंदर घुसकर एनजीओ और फर्जी पत्रकारिता की आड़ में कर रहे थे जबरन वसूली, चार गिरफ्तार


दिल्ली ब्यूरो। नांगलोई थाना पुलिस ने जबरन वसूली करने वाले एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है, जोकि खुद को एसडीएम ऑफिस का स्टाफ बताते थे। पकड़े गए आरोपियों में दो युवतियां भी शामिल है। आरोपियों के नाम अनिल वर्मा (36), गोविद(35), सुमन (29) और प्रीति भारद्वाज (30) है। सभी आरोपी दिल्ली के अलग-अलग इलाके के रहने वाले है। पुलिस की माने तो आरोपी अनिल वर्मा के पास स्टाफ न्यूज का फर्जी आईडी कार्ड था और वह खुद को एक निजी चैनल से बताता था। आरोपी गोविद और सुमन के पास एक एनजीओ का आईडी कार्ड मिला है, जोकि ऑल इंडिया का है। आरोपियों ने कुछ दिनों पहले रोहिणी की एक फैक्ट्री में भी इसी तरह की वारदात को अंजाम देने की कोशिश की थी, लेकिन वह कामयाब नहीं हो सके। पुलिस ने आरोपियों के पास से एक कार, 12000 रुपये और फर्जी आईडी कार्ड बरामद किए है। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर मामले की जांच कर रही है।
डीसीपी (आउटर) परविंदर सिंह ने बताया कि बुधवार को नांगलोई थाना पुलिस को रोहिणी निवासी प्रदीप पाचाल ने सूचना दी। उन्होंने हेड कांस्टेबल कुलबीर को बताया कि वह स्वर्ण पार्क में एक ट्रांसफार्मर रेडिएटर बनाने का काम करते है। आगे उन्होंने बताया कि उनकी फैक्ट्री में चार लड़के और दो लड़कियां आई है, जोकि खुद को एडीएम ऑफिस का स्टाफ बता रहे है। फैक्ट्री के कर्मचारियों द्वारा मास्क न पहनने पर वे एक लाख रुपये मांग रहे है। सूचना मिलते ही हेड कांस्टेबल कुलबीर कांस्टेबल बलराम के साथ मौके पर पहुंच गए। इसके बाद उन्होंने वहां मौजूद सभी लोगों से अपने आईडी कार्ड दिखाने के लिए कहा, मगर वह नहीं दिखा सके। इतना ही उनके पास एसडीएम ऑफिस कोई प्रूफ नहीं था। पुलिस के मौके पर आने से पहले आरोपी रोहित और रवि मौके से फरार हो चुके थे। फैक्ट्री मालिक ने उन्हें 20000 रुपये देकर मामले का सेटलमेंट किया था। पुलिस पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ कर रोहित और रवि की तलाश कर रही है।
आई कार्ड पर लिखा था दिल्ली पुलिस आयुक्त द्वारा अनुमोदित
पुलिस को आरोपियों के पास से जो आई कार्ड मिले है। उन पर लिखा है यह आईडी कार्ड दिल्ली पुलिस आयुक्त द्वारा अनुमोदित किए गए है। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इससे पहले वे इस तरह की कितनी वारदात कर चुके है।