रुपये लेकर घरों में वैक्सीन लगाने वाली युवती समेत दो पकड़े


सूर्य प्रकाश,(गाजियाबाद)। एक ओर जहां लोग वैक्सीन लगवाने के लिए केंद्रों पर भटक रहे हैं। वही इंदिरापुरम के शिप्रा सन सिटी में रुपये लेकर घरों में वैक्सीन लगवाने का मामला सामने आया है। पार्षद ने आरडब्ल्यूए पदाधिकारियों के साथ मिलकर युवती समेत दो लोगों को पकड़कर एसीएम और पुलिस को सूचना दी। दोनों के पास से कोरोना वैक्सीन की आठ डोज बरामद हुई हैं। मामले की रिपोर्ट बनाकर स्वास्थ्य विभाग को भेज दी गई है। वार्ड नंबर सौ से पार्षद संजय सिंह ने बताया कि शिप्रा सन सिटी में पिछले एक माह से कुछ लोग रुपये लेकर घरों में वैक्सीन लगाने का काम कर रहे थे। रविवार को सोसायटी में रहने वाले सुनील चौधरी ने फोन करके दो लोगों को वैक्सीन लगवाने के लिए बुलाया था। आते ही उनको दबोच लिया गया। पार्षद का आरोप है कि आरोपी वायल में बची डोज को डिस्ट्रॉय दिखा देते थे। इसके बाद उसी डोज को रुपये लेकर लोगों के घरों में जाकर लगाते हैं। इस पर पार्षद ने एसीएम विनय सिंह को कॉल कर मामले की सूचना दी। एसीएम एसएचओ इंदिरापुरम संजीव शर्मा पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस दोनों को पकड़कर थाने ले आई। पुलिस जांच में सामने आया है कि युवती स्वास्थ्य विभाग में संविदा पर काम करती है। इंदिरापुरम के एक केंद्र पर उसकी ड्यूटी है जबकि युवक नोएडा की एक निजी लैब में काम करता है। उनके पास से पुलिस ने आठ डोज बरामद की है। एसीएम विनय कुमार सिंह ने बताया कि पूरे मामले की रिपोर्ट बनाकर स्वास्थ्य विभाग को भेजी जा रही है। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
वैक्सीन के लिए सात सौ से रुपये मांगे
पार्षद संजय सिंह ने बताया कि डोज लगाने वाले युवक से जब उन्होंने बात की तो उसने बताया कि सात सौ रुपये से एक हजार रुपये में वह वैक्सीन लगाता है। पार्षद का दावा है कि युवक नोएडा की एक निजी लैब में काम करता है। वह सैैंपल लेने के दौरान लोगों को वैक्सीन लगवाने की भी बात कहता था। उसी के आड़ में यह काम कर रहा था। हालांकि यह तो पूछताछ के बाद पता चलेगा कि वैक्सीन डोज कहां से उपलब्ध हो रही थी, कितने लोगों को लगाई है, इनके साथ कौन कौन लोग शामिल हैं। स्वास्थ्य विभाग और पुलिस इसकी जांच कर रही है।
घंटों लाइनों में लोग इंतजार कर लौट जाते हैं वापस
कोरोना के बढ़ते संक्रमण के बाद लोग केंद्रों पर वैक्सीन लगवाने के लिए पहुंच रहे हैं। लोग घंटों लाइन में लगने के बाद बिना वैक्सीन लगवाए वापस लौट जा रहे हैं। कई लोगों के पास केंद्र पर पहुंचकर वैक्सीनेशन कराने का संदेश भी आया। लेकिन केंद्र पर पहुंचकर वैक्सीन नहीं लग सकी। वहीं दूसरी ओर यहां पर रुपये लेकर वैक्सीन लगवाने का कार्य जोरों पर चल रहा है। लोगों का कहना है कि बिना स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत से ऐसा कर पाना संभव नहीं है।