गाजियाबाद में ईसाई समुदाय को नहीं मिला कब्रिस्तान, दिल्ली जाकर दफना रहे शव


गाजियाबाद ब्यूरो। कोविड-19 की इस महामारी में ईसाई समुदाय के लोगों को कब्रिस्तान की जगह नहीं मिल पा रही है। नगर निगम ने करीब चार साल पहले समुदाय को 8160 वर्ग मीटर जगह दी थी, लेकिन अब इस जमीन पर निजी लोगों ने दावेदारी कर दी है। मामला अब कोर्ट में विचाराधीन है। समाज के लोगों का कहना है कि कब्रिस्तान न होने की वजह से अब दिल्ली में जाकर शवों को दफनाना पड़ रहा है।  
गाजियाबाद क्रिश्चयन लीडर्स फेलोशिप के जनरल सेक्रेटरी और पादरी मानेस्वर दास का कहना है कि उनके प्रयास पर नगर निगम ने ईसाई समाज के शवों के अंतिम संस्कार के लिए कब्रिस्तान बनाने को जमीन देने का प्रस्ताव बोर्ड बैठक में पास किया था। 2014 में पास हुए प्रस्ताव के बाद वर्ष 2018 में तत्कालीन नगर आयुक्त के आदेश पर तहसीलदार ने अर्थला क्षेत्र में एक जमीन पर कब्जा दिलाया था। करीब 8160 वर्ग मीटर जमीन पर नगर निगम ने तब बोर्ड भी लगवा दिया था। जमीन की पैमाइश रिपोर्ट भी उनके पास है।
उनका कहना है कि नगर निगम की ओर से लिखित कब्जा पत्र या अनुबंध पत्र नहीं दिया गया था। कुछ दिन बाद ही प्राइवेट लोगों ने इस जमीन पर अपना दावा किया और मामले को कोर्ट में ले गए। इसकी वजह से अब ईसाई समाज इस जमीन पर शवों को नहीं दफना पा रहा है।