कालाबाजारी और धोखाधड़ी करने वालों पर दिल्ली पुलिस ने कसा शिकंजा


दिल्ली ब्यूरो। दिल्ली पुलिस ने कोरोना महामारी के दौरान महज पंद्रह दिनों के भीतर 113 मामले दर्ज कर कुल 100 लोगों को दवाइयों, इंजेक्शन और मेडिकल उपकरणों की कालाबाजारी के आरोप में गिरफ्तार किया है। मंगलवार को दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने इसकी जानकारी दी। वहीं दिल्ली पुलिस आयुक्त एसएन श्रीवास्तव ने एक ट्वीट कर जानकारी दी कि दिल्ली पुलिस ने दवाइयों, इंजेक्शन, ऑक्सीजन सिलिंडर व उपकरणों की कालाबाजारी करने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई कर क्या-क्या सामान जब्त किया।
दिल्ली पुलिस आयुक्त एसएन श्रीवास्तव ने बताया कि पुलिस ने 13 ऑक्सीमीटर, 18 ऑक्सी पंप, दो खाली रेमडेसिविर इंजेक्शन, तीन एंबुलेंस, नौ प्रेशर रेग्यूलेटर, 213 पल्स ऑक्सीमीटर, सात गैस पाइप, सात डबल गेज रेग्यूलेटर के अलावा 1591 अन्य सामान जब्त किया है। इस संबंध में पुलिस ने अब तक 113 केस दर्ज कर 100 लोगों को गिरफ्तार किया। दर्ज किए गए मामलों में 61 कालाबाजारी और जमाखोरी के हैं जबकि 52 मामले ठगी के दर्ज किए गए हैं। पुलिस ने अब तक 425 रेमडेसिविर इंजेक्शन, 90 फेवीपिरावीर टेबलेट, 213 ऑक्सीजन सिलिंडर, 225 ऑक्सीजन कन्संट्रेटर और 82 ऑक्सीजन फ्लो रेग्यूलैटर बरामद किए हैं। पुलिस लगातार कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है।
पुलिस आयुक्त ने बताया कि सोमवार को पुलिस की ओर से अपील की गई थी कि कालाबाजारी या कोविड के दौरान इससे जुड़े मामलों की धोखाधड़ी करने वालों के खिलाफ हेल्पलाइन नंबर-011-23469900 पर शिकायत करें। दिल्ली पुलिस आयुक्त ने बताया कि पुलिस ने सोमवार को 86 रेमडेसिविर, 90 फेवीपिराविर टेबलेट और दूसरे जब्त सामानों को छोड़कर अस्पतालों में पहुंचा दिया है। आगे और जब्त सामान को छोड़कर अस्पताल पहुंचाने की प्रक्रिया जारी है। साइबर क्राइम रोकने के लिए दिल्ली पुलिस ने कोविड के दौरान पिछले दो दिनों धोखाधड़ी करने वाले 200 मोबाइल नंबर, 95 बैंक अकाउंट, 33 यूटीआर और 17 यूपीआई वॉलेट की पहचान की है। पुलिस ने अपने प्रयासों से इनकी पेमेंट भी रुकवा दी है।
रेमडेसिविर की कालाबाजारी में मूलचंद की नर्स समेत चार गिरफ्तार
उत्तर-पश्चिम जिला के स्पेशल स्टाफ ने रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी करने के आरोप में मूलचंद अस्पताल की एक नर्स समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान मोलड़बंद निवासी नर्स ललितेश (22), इसके ब्वॉयफ्रेंड बसई दारापुर निवासी शुभम (23), लक्ष्मी नगर निवासी विपुल शर्मा (29) और मोती नगर निवासी विशाल कश्यप (22) के रूप में हुई है।
नर्स ललितेश अस्पताल में मरीजों के इंजेक्शन चोरी कर अपने दोस्त शुभम को देती थी। इसके बाद वह बाकी लोगों के साथ मिलकर उसे 70 हजार रुपये में बेच देता था।  पुलिस ने आरोपियों के पास से कुल सात रेमडेसिविर इंजेक्शन बरामद किए हैं। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है।
अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त डॉ. गुर इकबाल सिंह सिद्धू ने बताया कि तीन मई को उनकी टीम को सूचना मिली थी कि कुछ लोग रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी कर रहे हैं। जानकारी जुटाने पर पता चला कि एक आरोपी इंजेक्शन की डिलीवरी हैदरपुर बस स्टैंड के पास देने आएगा। पुलिस की टीम ने वहां जाल बिछाकर आरोपी को दबोच लिया। आरोपी की पहचान विपुल शर्मा के रूप में हुई।