अलीगढ़ के इंजीनियरिंग छात्रों ने ऑक्सिजन कंसंट्रेटर डिवाइस बनाने का किया दावा


अलीगढ़। ऑक्सिजन किल्लत के बीच एक राहत भरी खबर है। अलीगढ़ के पांच इंजीनियरों की एक टीम ने ऑक्सिजन कंसंट्रेटर डिवाइस बनाया है। अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी से इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल करने के बाद इन इंजीनियरों ने कोरोना काल में ऑक्सिजन को लेकर अनोखी मिसाल पेश कर ऑक्सिजन की किल्लत को दूर कर उसकी पूर्ति करने का दावा किया है। इन इंजीनियरों की ऑक्सिजन कंसंट्रेटर डिवाइस हवा में मौजूद 21 फीसदी ऑक्सिजन को 90 फीसदी से ज्यादा तक बढ़ाकर यह मरीज को डायरेक्ट सप्लाई देता है। इसका दीनदयाल अस्पताल समेत कई मरीजों पर ऑक्सिजन कंसंट्रेटर का कामयाब इस्तेमाल किया जा चुका है। इसमें सिर्फ बिजली की मदद से 90% से ज्यादा तक ऑक्सिजन हासिल कर सकते हैं ।
ऑक्सिजन कंसंट्रेटर तैयार करने वाले एएमयू इंजीनियरिंग कॉलेज के छात्र मोहम्मद मुंजिर, दानियाल खालिक, मोहम्मद फैजान अली खान, मोहम्मद हमजा और सैयद अबू रेहान ने बताया कि कोविड-19 महामारी में ऑक्सिजन संकट के चलते लोगों को दम तोड़ते हुए देखा तो उसके बाद उन्होंने कम लागत का और अधिक क्षमता वाला ऑक्सिजन कंसंट्रेटर तैयार करने का विचार आया, जिसके बाद उनकी पांच सदस्यीय टीम इस काम में जुट गई।
डिवाइस 95 प्रतिशत तक प्यूरिफाइ ऑक्सिजन दे रहा
इंजीनियरों के मुताबिक, इसका नाम ऑक्सिजन कंसंट्रेटर है और यह हवा से नाइट्रोजन को फिल्टर कर मरीज के लिए ऑक्सिजन की जितनी जरूरत होती है, वह तैयार करता है। इसमें ज्यादा लागत नहीं है। यह जिओलाइट बेस्ड फिल्टरेशन करता है। इसमें नाइट्रोजन अलग हो जाती है और ऑक्सिजन मरीज तक पहुंचती है। यह डिवाइस 95 प्रतिशत तक प्यूरिफाइ ऑक्सिजन दे रहा है। ऑक्सिजन कंसंट्रेटर में जिओलाइट इस्तेमाल होता है तो वहीं हम लोग कंपोनेंट जिओलाइट की कमी की वजह से ज्यादा ऑक्सिजन कंसंट्रेटर नहीं बना पा रहे हैं। इंजीनियरों ने प्रशासन और सरकार से अपील की है कि जल्द से जल्द ज्यादा तादाद में जिओलाइट मुहैया कराएं, ताकि बड़ी तादाद में वह ऑक्सिजन कंसंट्रेटर बनाकर लोगों की जान बचा सकें।
कम समय में किया तैयार 
एएमयू से इंजीनियरिंग कर चुके छात्र ने ऑक्सिजन कंसंट्रेटर डिवाइस को लेकर जानकारी देते हुए बताया कि जैसे ही कोरोना महामारी फैली और महामारी में हालात बेकाबू हो गए। महामारी के दौरान ऑक्सिजन की किल्लत और इसकी उपलब्धता ना होने के चलते ऑक्सिजन बनाने का फैसला किया गया, जिसके बाद एक टीम बनाई और इस टीम ने मार्केट से सामान जल्दी-जल्दी इकट्ठा कर ऑक्सिजन कंसंट्रेटर डिवाइस बनानी शुरू कर दी गई। इस दौरान टीम के कुछ सदस्यों ने बाहर से भी इस डिवाइस को तैयार करने के लिए मशीनों के पार्ट्स मंगाए गए और इन मशीनों को बहुत ही जल्दी तैयार कराया गया।
मरीजों पर रहा है सफल प्रयोग
ऑक्सिजन कंसंट्रेटर डिवाइस तैयार होने के बाद दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल में भर्ती मरीज के ऊपर रात भर इसको टेस्ट किया गया तो मरीज को इससे काफी आराम मिला, जिसके बाद इस डिवाइस को दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल से उठाकर इसका इस्तेमाल क्राइम ब्रांच के परिवार के एक सदस्य की हालत बिगड़ने पर लगाया गया तो उनका ऑक्सिजन लेवल एक घण्टे के अंदर ही 60 पर्सेंट से 95 परसेंट हो गया था। ऐसे में अगर उपकरण और माल सही समय पर और पर्याप्त मात्रा में मिल जाए तो अधिक संख्या में ऐसे कंसंट्रेटर तैयार किए जा सकेंगे और इससे सैकड़ों मरीजों की जान को बचाया जा सकेगा।