रेमडेसिविर की कालाबाजारी रोकने को शासन का आदेश, रेडक्रॉस के खाते में जमा करने होंगे पैसे तब मिलेगा इंजेक्‍शन


  • गाजियाबाद में रेमडेसिविर इंजेक्शन की लगातार कालाबाजारी हो रही है
  • इसे देखते हुए इसकी सप्लाई को शासन से अपने स्तर पर किए जाने का फैसला किया गया है
  • जिला स्तर पर इसका कोटा भी तय कर दिया गया है, मरीजों की संख्या बढ़ने के बाद यह बढ़ाया जाएगा
गाजियाबाद ब्यूरो। गाजियाबाद में रेमडेसिविर इंजेक्शन की लगातार बढ़ रही कालाबाजारी को देखते हुए इसकी सप्लाई को शासन से अपने स्तर पर किए जाने का फैसला किया गया है। जिला स्तर पर इसका कोटा भी तय कर दिया गया है लेकिन मरीजों की संख्या बढ़ने के बाद यह कोटा भी बढ़ाया जाएगा।
फिलहाल अभी सबसे अधिक रेमडेसिविर इंजेक्शन लखनऊ को दिया जा रहा है, जबकि गाजियाबाद को रोजाना 150 इंजेक्शन दिए जाने का कोटा तय किया गया है। 4 मई को 150 रेमडेसिविर इंजेक्शन गाजियाबाद को भेजा गया है। डिमांड के हिसाब से इस इंजेक्शन को उत्तर प्रदेश मेडिकल सप्लाई कॉरपोरेशन की तरफ से भेजा जाता है।
20 पर्सेंट इंजेक्‍शन रिजर्व होंगे
यदि किसी निजी अस्पताल में भर्ती मरीज को इस इंजेक्शन की जरूरत है तो उसे रेडक्रॉस सोसायटी के खाते में पैसा जमा करवाना होगा, फिर उस रसीद को लेकर संबंधित अस्पताल को देना होगा। इसके आधार पर मरीज को इंजेक्शन मिल सकेगा। अधिकारी बताते हैं कि 150 इंजेक्शन में से बीस फीसदी इंजेक्शन इमरजेंसी के हालात में सरकारी अस्पतालों के लिए रिजर्व रखा जाएगा। 80 फीसदी इंजेक्शन किसी निजी अस्पताल में एडमिट मरीज के परिजन को डॉक्टर के पर्चे के आधार पर उपलब्ध करवाया जाएगा।
अधिकतम 6 इंजेक्‍शन मिलेंगे
मरीज के परिजन को 1800 रुपये प्रति इंजेक्शन के हिसाब से पैसा जिला रेडक्रॉस समिति के खाते में जमा करवाना होगा। निजी अस्पताल के मरीज के परिजन को अस्पताल के पर्चे, मरीज का आधार कार्ड या वोटर आईडी कार्ड के आधार पर अधिकतम 6 इंजेक्शन दिया जा सकेगा। रेडक्रॉस सोसायटी की सचिव डॉक्टर किरन गर्ग ने बताया कि सोसायटी का खाता कलेक्ट्रेट के एसबीआई ब्रांच में है। बैंक में जाकर खाता नंबर लिया जा सकता है। शासन के आदेश के आधार पर इस खाते में पैसा जमा करवाया जा सकता है। बैंक की तरफ से इसकी रसीद मिल जाएगी।
एल-2 के लिए अलग से है कोटा
इस इंजेक्शन की सप्लाई को जारी रखने के लिए जिले में जितने भी कोविड के एल-2 हॉस्पिटल बनाए गए हैं। उसके लिए अलग से कोटा तय किया गया है। पूरे प्रदेश में हर रोज 2500 इंजेक्शन की सप्लाई की जाएगी। इसमें जिले की जरूरत के हिसाब से हर रोज कोटा तय किया जाएगा। आदेश में कहा गया है कि जिले के सरकारी और प्राइवेट अस्पताल में जितने भी मरीज वेंटिलेटर पर हैं। उनकी जरूरत को देखते हुए उन्हें प्रतिदिन इस इंजेक्शन की एक वाइल दी जाएगी। साथ ही 15 फीसदी ऑक्सिजन बेड के लिए यह इंजेक्शन दिया जाएगा।