महामारी में मदद के नाम पर हजारों को ठगने वाले दो विदेशी गिरफ्तार


  • फेसबुक, ट्विटर, वॉट्सऐप पर मदद के लिए लिए अपने नंबर कराए थे वायरल
  • ऑक्सिजन सिलिंडर और दवाइयों के नाम ठगी करता था इंटरनैशनल गैंग
  • 20 से अधिक बैंक अकाउंट्स में ट्रांसफर कराते थे ठगी का पैसा
दिल्ली ब्यूरो। कोरोना के इलाज में जरूरी ऑक्सिजन सिलिंडर और अन्य दवाइयों के नाम पर सोशल मीडिया के जरिए लोगों को ठगने के आरोप में क्राइम ब्रांच ने इंटरनैशनल गैंग का पर्दाफाश किया है। दो विदेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया गया है। क्राइम ब्रांच का दावा है कि ये दोनों दिल्ली समेत देशभर में 1 हजार से अधिक लोगों से 2 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी कर चुके हैं। बेंगलुरू और अफ्रीका में बैठे इनके अन्य साथियों के बारे में भी पता चला है।
क्राइम ब्रांच के अडिश्नल कमिश्नर शिबेश सिंह ने बताया कि गिरफ्तार मुलजिमों में चीमा बेनेथ और जोनाथन कोजो हैं। चीमा (42) और कोजो (44) दोनों पंचशील विहार खिड़की में रहते हैं। मूलरूप से नाइजीरिया का रहने वाला चीमा 2010 में यहां आया था। 2016 से पंचशील में रह रहा है। कोजो घाना का रहने वाला है। इसी साल फरवरी में दिल्ली आया था।
क्राइम ब्रांच ने बताया कि इनके पास से 165 सिम कार्ड, 22 मोबाइल फोन, 5 लैपटॉप, 4 एटीएम कार्ड, 16 हजार रुपये और 2 वाई-फाई डोंगल बरामद किए गए हैं। 20 से अधिक बैंक अकाउंट्स के बारे में पता लगा है। जो यह अलग-अलग नामों से ठगी का पैसा ट्रांसफर कराने में इस्तेमाल करते थे।
इन्होंने अपने कितने ही फर्जी नाम और पते पर लिए गए मोबाइल नंबर फेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और वॉटसऐप समेत तमाम सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म पर डाल दिए थे। उसमें लिखा था कि कोरोना आपदा में अगर किसी को ऑक्सिजन सिलिंडर और अन्य दवाइयों को जरूरत हो, तो वह इन नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं। उन्हें यह सुविधा सस्ते दामों पर दी जाएगी। इस तरह से कुछ ही समय में सोशल मीडिया पर इनके नंबर वायरल हो गए। इनके पास जरूरतमंदों के ढेरों फोन आने लगे, जिनसे इन्होंने मदद के नाम करोड़ों की ठगी को अंजाम दिया।
मामले में 5 मई को नॉर्थ-ईस्ट दिल्ली के ज्योति नगर थाने में इस मामले में एक शिकायत दर्ज कराई गई थी। इसमें बताया गया था कि सोशल मीडिया पर मिले मोबाइल नंबर-8586918622 पर उन्होंने ऑक्सिजन सिलिंडर के लिए संपर्क किया था। उनसे ठगों ने 16 हजार सिलिंडर और 4 हजार रुपये ट्रांसपोर्ट चार्ज के रूप में बैंक अकाउंट में ट्रांसफर कराए। इसके बाद उन्होंने डिलिवरी नहीं दी। फिर अपना नंबर भी बंद कर लिया। मामले में पुलिस को शिकायत दी गई। जिला पुलिस के अलावा क्राइम ब्रांच ने भी जांच शुरू कर दी। जांच में पता लगा कि इस नंबर से कई और लोगों को भी ठगा गया है। क्राइम ब्रांच ने तफ्तीश करते हुए इन दो विदेशी नागरिकों को गिरफ्तार कर कोरोना आपदा में जरूरतमंदों को ठगने वाले इस इंटरनैशनल गैंग का पर्दाफाश किया।