नोएडा में निजी अस्पतालों में बेड चाहिए तो मुंह मांगी रकम चुकाइए, धड़ल्ले से चल रही कालाबाजारी


नोएडा ब्यूरो। आईसीयू व ऑक्सीजन बेड न मिलने से कोरोना संक्रमित मरीज दम तोड़ रहे हैं, फिर भी नोएडा-ग्रेटर नोएडा के कई अस्पताल पैसे बनाने में लगे हुए हैं। अस्पताल बेड खाली न होने की बात कहकर पहले तो मरीजों को भर्ती करने से मना कर देते हैं और बाद में उन्हीं मरीजों से बेड का सौदा करते हैं। ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जब अस्पतालों ने मरीज को बेड होते हुए भी भर्ती करने से मना कर दिया और जब मरीज उनको मुंह मांगी रकम देने को तैयार हो गया तो अस्पतालों ने मरीज को भर्ती कर लिया।
एक नौकरीपेशा व्यक्ति से उसके बेटे को भर्ती करने के लिए 60 हजार रुपये मांगे गए। अस्पताल ने पहले तो बेड न खाली होने की बात कही, जब वे राजी हो गए तो अस्पताल भी बेड देने को तैयार हो गया। नोएडा- ग्रेटर नोएडा में ऐसे अनगिनत मामले सामने आ रहे हैं। अस्पताल वाले बेडों की कालाबाजारी कर रहे हैं।
बेडों की सूची पर सीएम के आदेश बेमानी
सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बीते दिनों आदेश दिया कि सभी निजी अस्पताल खाली बेडों की सूची गेट पर चस्पा करेंगे। दो सप्ताह बीत गए। किसी भी सरकारी अस्पताल ने सूची चस्पा नहीं की है। मरीजों और तीमारदारों को पता नहीं चल पाता कि किस अस्पताल में बेड मिल सकते हैं।