महंत नरसिंहानंद सरस्वती की हत्या की साजिश का पर्दाफाश, पाकिस्तान से आया था मार डालने का संदेश


दिल्‍ली ब्यूरो। पाकिस्तान के आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने डासना स्थित देवी मंदिर के मुख्य महंत नरसिंहानंद सरस्वती की हत्या की साजिश रची थी। इसका खुलासा सोमवार को दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने किया हे। इस मामले में पुलिस ने कश्मीर के जान मोहम्मद डार उर्फ जहांगीर को गिरफ्तार किया है। 
गिरफ्तारी पहाड़गंज के एक होटल से हुई है। आरोपी साधु के वेश में नरसिंहानंद की हत्या को अंजाम देने वाला था। पुलिस ने उसके पास से एक पिस्टल, दो मैगजीन, 15 कारतूस, भगवा रंग का कुर्ता और पूजा में इस्तेमाल होने वाला सामान बरामद किया है। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है। 
पुलिस के मुताबिक, डासना के देवी मंदिर के महंत यति नरसिंहानंद सरस्वती बीते दिनों प्रेस क्लब में इस्लामिक धर्मगुरू के खिलाफ आपत्तिजनक बयान देने के बाद चर्चा में आए थे। इस मामले में उनके खिलाफ एफआईआर भी दर्ज है। इसके बाद पाक आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने नरसिंहानंद सरस्वती की हत्या की साजिश रची। इसकी सुपारी कश्मीर निवासी जान मोहम्म्द डार उर्फ जहांगीर को दी। 
खुफिया एजेंसी से इनपुट मिलने के बाद स्पेशल सेल ने मामले में जांच की और जहांगीर को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में जहांगीर ने पुलिस को बताया कि जम्मू-कश्मीर में उसकी मुलाकात पाकिस्तानी आतंकी आबिद से हुई थी। आबिद ने जहांगीर को नरसिंहानंद की हत्या को अंजाम देने का जिम्मा सौंपा था। 
साथ ही कश्मीर में पिस्टल चलाने की ट्रेनिंग भी दी थी। इसके बाद आरोपी दिल्ली आया जहां उमर नाम के एक शख्स ने इसे हथियार मुहैया करवाया। पुलिस टीम ने छापा मारकर आरोपित को गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से एक पिस्तौल, दो मैगजीन, 15 कारतूस, भगवा रंग का कुर्ता एवं पूजा सामग्री बरामद की है।
साधु के वेश में हत्या को देना था अंजाम
पुलिस को जांच में पता चला है कि आरोपी  2016 में सेना पर पथराव के मामले में भी गिरफ्तार हो चुका है। वह आतंकी बुरहान वानी के एनकाउंटर के बाद सेना पर पथराव करने में वह शामिल था। बीते दिसंबर महीने में उसकी मुलाकात कश्मीर में आतंकी आबिद से हुई थी। आबिद के साथ मिलकर उसने साजिश रची। 
बीते फरवरी महीने में भी अपने भतीजे का इलाज कराने के लिए दिल्ली आया था। यहां आकर वह जामा मस्जिद के बशीर गेस्ट हाउस में ठहरा था। यहां से लौटने के बाद उसने आबिद को दिल्ली की जानकारी दी, जिसके बाद उसने स्वामी नरसिंहानंद की हत्या की सुपारी दी। उसे कश्मीर में ही हथियार चलाना सिखाया गया। 
साजिश के अनुसार, आरोपी को साधु के वेश में स्वामी से नजदीकी बढ़ानी थी। मौका मिलने पर उसे अपने मंसूबे का अंजाम देना था। इसके लिए उसे 6,500 रुपये नकद और 35,000 रुपये उसके बैंक खाते में भेजे गये थे। जामा मस्जिद में उसने उमर से हथियार लिया। इसके बाद वह पहाडगंज चला गया था।
बढ़ई का काम करता है आरोपी
पुलिस के मुताबिक, आरोपी जान मोहम्मद पुलवामा का रहने वाला है। पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी पहाडग़ंज के शिवा होटल से की है। वह 12वीं कक्षा तक पढ़ा हुआ है। पुलवामा में वह बढ़ई का काम करता है। दिसंबर 2020 में उसकी मुलाकात जैश-ए- मोहम्मद के आतंकी से हुई थी, जिसने उसे इस हत्या के लिए मोटी रकम देने की बात कही थी। वह वाट्सऐप के जरिए लगातार उससे संपर्क में रहता था।