जेपी नड्डा ने सेवा ही संगठन कार्यक्रम का किया उद्घाटन, कहा- पीएम मोदी के काम को किसानों तक पहुंचाएंगे


नेशनल डेस्क। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने भाजपा किसान मोर्चा द्वारा 'सेवा ही संगठन' कार्यक्रम के अंतर्गत 824 सामुदायिक केंद्रों में कोविड-19 हेल्प डेस्क का उद्घाटन किया। इस अवसर पर नड्डा ने कहा कि आज मुझे इस बात की खुशी है कि सेवा ही संगठन और मेरा बूथ-कोरोना मुक्त अभियान के तहत भाजपा किसान मोर्चा देश के सभी जनपदों के ग्रामीण क्षेत्रों में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर कोविड हेल्प डेस्क लगाने की जिम्मेदारी ले रहा है। उन्होंने कहा कि मुझे विश्वास है कि सभी लोग टीम बनाकर किसान मोर्चा के काम को जन-जन तक पहुंचाएंगे और किसानों के लिए जो काम प्रधानमंत्री मोदी जी ने किए हैं उन्हें भी किसानों को बताएंगे और किसान उनका लाभ ले सकें, ऐसी व्यवस्था करेंगे।
नड्डा ने आगे कहा कि भाजपा की ओर से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा पीएम किसान सम्मान निधि के तहत 14 मई को 9.5 करोड़ किसानों के बैंक खाते में डीबीटी के माध्यम से इस योजना की 8वीं किस्त जारी करने के लिए उनका धन्यवाद करते हैं। पहली बार बंगाल के लाखों किसान भाइयों को इस योजना का लाभ मिलना शुरु हो गया है। इतने वर्षों तक किसानों को इस लाभ से वंचित रखा गया। हमने इस विषय को जोरदार तरीके से रखा था। पीएम किसान सम्मान निधि का लाभ अब वहां के किसानों को मिलने लगा है, ये संतोष का विषय है। 19 मई को खाद सब्सिडी बढ़ाने का ऐतिहासिक निर्णय लिया गया है। डीएपी खाद की सब्सिडी 140 प्रतिशत बढ़ा दी गई है। किसानों को डीएपी खाद में 500 रुपये प्रति बोरी से बढ़ाकर 1,200 रुपये प्रति बोरी सब्सिडी मिलेगी। 
भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि पंजाब में इस बार गेहूं की सबसे ज्यादा खरीद हुई है। भारतीय खाद्यान्न निगम के आंकड़ों के अनुसार प्रमुख गेहूं उत्पादक राज्यों में 13 मई तक 361 लाख टन से ज्यादा गेहूं खरीदा जा चुका है। देश में पहली बार मोदी सरकार ने एक देश-एक कृषि बाजार बनाने का मार्ग प्रशस्त किया है। देश में पहली बार किसानों को अपनी फसल कहीं पर किसी को भी बेचने की छूट मिली है। देश में पहली बार किसानों की भलाई के लिए उत्पादन लागत का न्यूनतम 1.5 गुना एमएसपी निर्धारित किया गया। देश में पहली बार किसान रेल, किसान उड़ान की शुरुआत हुई। देश में पहली उर्वरक सब्सिडी को डीबीटी के दायरे में लाया गया है। देश में पहली बार पेड़ की परिभाषा से बांस को हटाने के लिए कानून में संशोधन किया। अब लोग बांस उगाकर उसका लाभ ले सकेंगे।