गाजियाबाद में कार से दुर्घटना होने का डर दिखाकर वसूली करने वाले तीन लोग गिरफ्तार


गाजियाबाद ब्यूरो। इंदिरापुरम पुलिस ने कार चालकों पर दुर्घटना होने की कहानी रचकर जेल भेजवाने की धमकी देकर वसूली करने वाले तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से तमंचा, कारतूस, चाकू और सात हजार रुपये बरामद हुए हैं। वसुंधरा सेक्टर-10 में रहने वाले अनिकेत ने इंदिरापुरम थाने में एक शिकायत दी। उन्होंने आरोप लगाया कि 16 मई को दोस्त विपिन गुप्ता के साथ मोहन नगर से प्रह्लादगढ़ी की ओर आ रहे थे। रास्ते में हरियाणा मोटर्स प्रह्लादगढ़ी के सामने उन्होंने अपनी कार रोकी।
इस बीच मोटरसाइकिल सवार तीन युवक उनके पास आकर रूके। उन्होंने उन पर मोटरसाइकिल सवार दोस्त की दुर्घटना करके भागने का आरोप लगाया। उन पर रौब गांठते हुए जेल भेजवाने का झांसा दिया। उनसे 15 हजार रुपये मांगे। डर कर अनिकेत व विपिन ने उन्हें 15 हजार रुपये दे दिए। तीनों ने उनका मोबाइल नंबर व पता लिया और चले गए। उसके बाद उनमें से एक युवक ने उन्हें कॉल किया कि उनके घर के बाहर है। कुछ देर में वह तीनों उनके घर के अंदर आ गए। कहा कि जिसका दुर्घटना करके आए हो, उसकी स्थिति गंभीर है। 50 हजार रुपये दो। घर में मौजूद उनकी मां व बहन भी डर गई। उन्हें 15 हजार रुपये पेटीएम कर दिया। बाकी दो-तीन दिन में देने को कहा। वह तीनों धमकी देकर चले गए।
डर के कारण अनिकेत ने पुलिस को सूचना नहीं दी। उनकी कार से किसी से कोई दुर्घटना नहीं हुई थी, उसके बावजूद उनसे वसूली हो रही थी। यह सोचकर उन्हों हिम्मत जुटाई और शनिवार को इंदिरापुरम थाने में लिखित तहरीर दी। पुलिस अधीक्षक नगर द्वितीय गाजियाबाद ज्ञानेंद्र सिंह ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच-पड़ताल की गई। आरोपितों की पहचान संदीप आर्य निवासी भगतपुरा थाना ब्रह्मपुरी मेरठ, अनिल उर्फ विपुल निवासी चिपयाना कोलोनी बुलंदशहर और प्रमोद कुमार निवासी आहनग्राम बुलंदशहर के रूप में हुई। उन्हें रविवार को वसुंधरा सेक्टर-15 से गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में आया है कि आरोपित दुर्घटना होने की बात कर कार चालाकों को डरा-धमका कर रुपये वसूलते थे। उनका आपराधिक इतिहास खंगाला जा रहा है।