ऐशो-आराम की जिंदगी के लिए बने बंटी-बबली, जूलर को लगाया 2.2 करोड़ रुपए का चूना


  • जूलर को 2.2 करोड़ रु. का चूना लगाने के आरोप में एक कपल गिरफ्तार
  • जूलर से 4.82 किलो सोना ले गए थे, इनके तीसरे साथी की तलाश जारी
  • आरोपियों की पहचान ऋषभ सूरी (26) और तान्या सूरी (22) के रूप में हुई
दिल्ली ब्यूरो। ऐशो-आराम से जीना और महंगे होटलों में जाना उनका शौक था। ऑडी और बीएमडब्ल्यू जैसी गाड़ियों में घूमा करते थे। ज्यादा पैसे की चाहत हुई तो सट्टा खेलने लगे। सारी रकम गंवा दी। पैसा बनाने के लिए 'बंटी-बबली' बनकर कारोबारियों को ठगने लगे। करोल बाग के मशहूर जूलर्स का भरोसा जीतकर 2.2 करोड़ रुपये का गोल्ड लेकर फरार हो गए। पुलिस ने दंपती को दो महीने की कड़ी मशक्कत के बाद गुड़गांव से गिरफ्तार कर लिया। इनकी शिनाख्त ऋषभ सूरी (26) और तान्या सूरी (22) के तौर पर हुई है। दोनों की डेढ़ साल की बच्ची है।
पुलिस के मुताबिक, करोल बाग स्थित पीपी जूलर्स के मैनेजर नवीन मल्होत्रा ने 26 मार्च को थाने में आकर शिकायत दी। उन्होंने पुलिस को बताया कि डोरी वालान के रहने वाले ऋषभ सूरी और तान्या सूरी के अलावा रोहिणी के विजय वर्मा गोल्ड के कारोबार के लिए उनसे मिले। अलग-अलग मौकों पर तीनों फैमिली फंक्शन के नाम पर जूलरी ले गए। करीब 2.2 करोड़ रुपये का 4.82 किग्रा सोना ले चुके थे। इसके बाद पैसे देने के बजाय तीनों ने फोन उठाने बंद कर दिए। तीनों फरार हो गए।
एसीपी के. बी. विदुषी कौशिक और एसएचओ मनिंदर सिंह की देखरेख में एसआई मोहित असिवाल, राजनंदानी, एचसी दिलशाद, सिपाही राजेश और सज्जन की टीम बनाई गई। तफ्तीश के बाद 29 मई को गुड़गांव सेक्टर-46 में किराए पर रह रहे ऋषभ और तान्या को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उन्होंने बताया कि वे छोटे कारोबारियों को मुनाफे का लालच देकर ठगते थे। तेलंगाना पुलिस ने फर्जी कॉल सेंटर के आरोप में उन्हें गिरफ्तार किया था। पुलिस जूलरी और पैसा बरामद करने में जुटी है। इनके तीसरे साथी की तलाश की जा रही है।