नोएडा में कबाड़ में मिले 400 से अधिक आधार कार्ड


नोएडा ब्यूरो। सेक्टर-58 कोतवाली क्षेत्र के एक कॉल सेंटर के पास कूड़े में 400 से अधिक आधार कार्ड और कई लोगों के पासपोर्ट साइज के फोटो सहित अन्य सामान पड़ा मिला है। आला अधिकारियों ने मामले की जांच करने के निर्देश दिए हैं। हालांकि, अभी किसी ने कोई शिकायत पुलिस को नहीं दी है। पुलिस को अंदेशा है कि आधार कार्ड व अन्य सामान का गलत इस्तेमाल किया गया है। खुफिया विभाग ने भी पुलिस अधिकारियों से इस संबंध में जानकारी मांगी है।
दरअसल, शनिवार को एक व्यक्ति कबाड़ बीनते हुए सेक्टर-58 में स्थित कॉल सेंटर के पास पहुंचा तो वहां पर कूड़ा पड़ा था। कूड़ा जब रिक्शा में डाला तो उसमें से एक थैली फट गई और आधार कार्ड नीचे गिर गए। यह देखकर एक राहगीर ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने जांच की तो 400 से अधिक आधार कार्ड और करीब एक हजार पासपोर्ट साइज फोटो के अलावा कुछ कंपनियों के आईकार्ड व कुछ मुहर समेत अन्य कई दस्तावेज मिले। पुलिस ने आला अधिकारियों को इस संबंध में अवगत कराया। अधिकारियों ने किसी बड़ी आर्थिक घटना की आशंका व्यक्त करते हुए तुरंत गंभीरता से जांच के निर्देश दिए। पुलिस ने आसपास की कंपनियों से पूछताछ की, लेकिन कई कंपनियां कोविड व कई कंपनी शनिवार होने के कारण बंद थीं। बड़ी बात यह है कि सेक्टर-58 में कई कॉल सेंटर हैं और आधार कार्ड भी एक कॉल सेंटर के पास से ही बरामद हुए हैं। नोएडा में कॉल सेंटर पहले से ही धोखाधड़ी और फर्जीवाड़ा में लिप्त रहे हैं। ऐसे में अधिकारियों को संदेह है कि इतनी संख्या में आधार कार्ड मिलना किसी खतरे की आशंका है।
कई राज्य और जिलों के निवासियों के हैं कार्ड
सेक्टर-58 में कबाड़ में मिले सभी आधार कार्ड प्लास्टिक के हैं। किसी निजी कंपनी ने अपने हित के लिए बनवाया होगा। ये यूपी, हरियाणा, मध्यप्रदेश और बिहार के निवासियों के है। सबसे अधिक आधार कार्ड यूपी और हरियाणा के हैं। इनमें बांदा, चित्रकूट, इटावा, हाथरस, बदायूं, गोंडा, नोएडा, अमरोहा, गाजियाबाद और मेरठ के कार्ड शामिल हैं। जबकि हरियाणा में फरीदाबाद, गुरुग्राम, सोनीपत, बल्लभगढ़ आदि के अलावा कई जिलों के आधार कार्ड पाए गए हैं।
खुफिया विभाग ने भी शुरू की जांच
कबाड़ में मिले आधार कार्ड की सूचना कॉलर ने एलआईयू के अधिकारियों को भी दी। अधिकारियों ने इंस्पेक्टर पारुल पूनिया को मामले की जानकारी करने के निर्देशदिए। एलआईयू इंस्पेक्टर ने बताया कि प्रकरण की जानकारी मिली है। संबंधित थाना प्रभारी से प्रकरण की सूचना मांगी है। सूचना के आधार पर जांच शुरू कर दी है।
आधार कार्ड में संशोधन कराने में लग जाते हैं कई माह
यदि किसी आम व्यक्ति को आधार कार्ड में नाम, पता अथवा कोई अन्य जानकारी जुड़वानी हो या संशोधन कराना हो तो उनको एड़ी चोटी का जोर लगाना पड़ता हैऔर इस प्रक्रिया में महीनों गुजर जाते हैं, लेकिन इतनी संख्या में आधार कार्ड एक स्थान पर मिलना और फिर कबाड़ में फेंकने का सीधा अर्थ है कि उनका गलत प्रयोग करके नष्ट करने के लिए फेंक दिया गया है।
400 से अधिक आधार कार्ड व एक हजार से अधिक फोटो, कुछ मुहर व कई कंपनियों के आईकार्ड बरामद हुए हैं। इस प्रकरण की जांच शुरू कर दी गई है। संभावना है कि किसी कॉल सेंटर या बीपीओ अथवा किसी कंपनी द्वारा इनका गलत प्रयोग किया गया होगा। - रजनीश वर्मा, एसीपी द्वितीय नोएडा जोन