फर्जी दस्तावेजों से रोहिंग्याओं को लाने वाला मास्टरमाइंड साथी समेत गिरफ्तार, 70 हजार रुपये बरामद


गाजियाबाद ब्यूरो। यूपी एटीएस की टीम फर्जी दस्तावेजों के आधार पर रोहिंग्या मुस्लिमों को भारत लाने वाले मास्टरमाइंड को साथी समेत गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी गाजियाबाद के डासना इलाके से की गई है। एटीएस की टीम ने गिरफ्तार किए गए रोहिंग्याओं के पास से आधार कार्ड, पैन कार्ड, यूएनएचसीआर कार्ड, मोबाइल और 70 हजार रुपये बरामद किए हैं। एटीएस का कहना है कि पकड़े गए आरोपी बीते जनवरी माह से उनके टारगेट पर थे।
एटीएस द्वारा जारी किए गए प्रेसनोट में कहा गया है कि गत 6 जनवरी को यूपी एटीएस की टीम ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर भारत में निवास करने वाले म्यांमार के नागरिकों को गिरफ्तार किया था। इस संबंध में लखनऊ स्थित एटीएस के थाने पर केस भी दर्ज किया गया था। बताया गया है कि एटीएस द्वारा अजीजुल्लाह नाम के रोहिंग्या की भी गिरफ्तारी की गई थी। दर्ज किए गए केस और अजीजुल्लाह से पूछताछ के बाद एटीएस को उसके बहनोई नूर आलम उर्फ रफीक की तलाश थी। 
नूर आलम और उसके साथी आमिर हुसैन को एटीएस ने मंगलवार को गाजियाबाद से गिरफ्तार कर लिया। एटीएस का कहना है कि पकड़ा गया नूर आलम रोहिंग्या मुसलमानों को अवैध तरीके से भारत लाने का मास्टरमाइंड है। दोनों आरोपी मूलरूप से बांग्लादेश के रहने वाले रोहिंग्या हैं। नूर आलम मेरठ में और आमिर हुसैन खजूरी खास दिल्ली में छिप कर रहा था। 
एटीएस की मानें तो आमिर अवैध रूप से भारत आया था। उसे नूर आलम ने भारत के फर्जी दस्तावेज बनवाने का भरोसा दिया था। टीम ने पकड़े गए आरोपियों को पुलिस कस्टडी रिमांड पर लेकर पूछताछ करने और उनके अन्य सहयोगियों के बारे में पता लगाने की बात कही है। वहीं, रोहिंग्याओं की गिरफ्तारी पर गाजियाबाद पुलिस ने जानकारी होने से इन्कार किया है।