कैब लूटकर जा रहे थे हत्या करने, एनकाउंटर के बाद पुलिस ने पकड़ा


दिल्ली ब्यूरो। कैब बुक करके ड्राइवर को बंधक बनाकर कार लूट कर भागे तीन बदमाशों को नरेला इंडस्ट्रियल पुलिस ने एनकाउंटर के बाद कुछ ही घंटों में गिरफ्तार कर लिया। बदमाशों में से एक ने पुलिसकर्मी की रिवॉल्वर लूटकर भागने की कोशिश की थी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस की गोली एक बदमाश के पैर में लगी। घालय बदमाश बेहद कुख्यात है। उसकी पहचान मोनू के तौर पर हुई है। वह सोनीपत हरियाणा का रहने वाला है। पिछले महीने ही उसने एक पूर्व सरपंच की गोली मारकर हत्या कर दी थी। तीनों बदमाश तिहाड़ जेल में बंद टिल्लू गैंग के करीबी बताए जाते हैं। एनकाउंटर से पहले किसी की हत्या करने के लिये निकले हुए थे। बदमाशों की पहचान मोनू, सतीश और अनमोल के रूप में हुई है। हरियाणा पुलिस को मोनू की कई बड़ी वारदातों में तलाश थी। आरोपियों के कब्जे से लूटी हुई कैब, मोबाइल, पिस्तौल और 7 कारतूस जब्त किए गए हैं।
डीसीपी राजीव रंजन के मुताबिक, एसीपी रिछपाल सिंह के सुपरविजन में एसएचओ अशोक कुमार और उनकी टीम बुधवार रात इलाके में गश्त पर थी। 12 बजकर 59 मिनट पर पुलिस को शाहपुर गड़ी नरेला के जंगल में एक कैब लूटने की सूचना मिली। पुलिस मौके पर पहुंची। ड्राइवर पुष्पेंद्र ने बताया कि तीन बदमाशों ने बवाना के लिए कैब हायर की थी। अचानक कैब रुकवाकर बदमाशों ने उनकी बुरी तरह से पिटाई की और उनका मोबाइल और कैब लूटकर फरार हो गए। एसीपी रिछपाल सिंह ने डिविजन के तीन थानों को अलर्ट करते हुए गुजरने वाली कैब्स पर निगरानी के लिए कहा। इधर, कैब में लगे जीपीएस की मदद से आरोपियों का मेरठ तक पीछा किया गया। जहां पर काफी मशक्कत के बाद तीनों बदमाशों को पकड़ लिया। आरोपियों से पता चला कि कैब ड्राइवर का मोबाइल लूट वाली जगह पर ही नाले में फेंक दिया था। कैब की मदद से तीनों कृष्ण नाम के युवक को मारने की योजना बना रहे थे।
मोनू को जब फोन बरामद करने के लिए शाहपुर गड़ी लाया गया तो अचानक उसने कॉन्स्टेबल संजीव की सर्विस पिस्टल निकाल ली और भागने लगा। पुलिस ने उसका पीछा किया तो मोनू ने गोली चला दी। पुलिस टीम ने भी गोली चलाई और गोली मोनू के बाएं पैर में लगी। उसे अस्पताल में भर्ती करवाया गया हे। पूछताछ में पता चला कि 2008 में मोनू क्राइम की दुनिया मे आया। वह गुहाना हरियाणा में किशन गांठा गैंग के लिए काम करता था। फिर टिल्लू गैंग के संपर्क में आया। 2019 में पीएस डिफेंस कॉलोनी इलाके में पुलिस के साथ मुठभेड़ के बाद उसे गिरफ्तार किया गया था। जनवरी, 2021 में जमानत पर बाहर आया। सोनीपत में कई हत्या और हत्या के प्रयास के मामलों में शामिल हो गया। मई 2021 में सोनीपत के पूर्व सरपंच की हत्या के मामले में वह वांछित है।