बुन्देलखण्ड राष्ट्र समिति ने बक्सवाहा जंगल बचाने के लिए विश्व पर्यावरण दिवस पर खून से लिखा खत


फतेहपुर ब्यूरो। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर बुंदेलखंड राष्ट्र समिति के तत्वावधान में नगर पंचायत खागा में समिति के केन्द्रीय अध्यक्ष प्रवीण पाण्डेय की अगुवाई में व संरक्षक शिवचन्द्र शुक्ल की अध्यक्षता में एक गोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसमें प्रवीण पांडेय ने महात्मा गांधी की प्रतिमा में माल्यार्पण कर पुष्प अर्पित किये इसके बाद सभी लोगों ने अपने अपने खून से प्रधानमंत्री जी के नाम पत्र लिखकर भेजा जिसमें मांग की गई कि बुंदेलखंड के छतरपुर स्थिति बक्स्वाहा  जंगल को कटने से बचाइए व साथ ही बुंदेलखंड के सभी जंगलों को भी कटने से बचाइए ताकि हमारे जल-जंगल हरे भरे रहें और लोगो को शुद्ध हवा व ऑक्सीजन मिलता रहे व आम जनमानस सुरक्षित रहें। सभी ने वृक्षों को रक्षा सूत्र बांध वृक्षारोपण और पेड़ों को बचाने का संकल्प लिया। 
   पृथक बुंदेलखंड राज्य की मांग को लेकर 635 दिन तक अनशन कर चुके बुंदेलखंड राष्ट्र समिति के संरक्षक तारा पाटकर , बुन्देलखण्ड राष्ट्र समिति के केन्द्रीय अध्यक्ष प्रवीण पाण्डेय अपने साथियों के साथ विश्व पर्यावरण दिवस पर 17वीं बार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केन्द्रीय पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर व मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज चौहान को अपने खून से खत लिखा।      फतेहपुर के अलावा महोबा, हमीरपुर, बांदा, चित्रकूट, फतेहपुर, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी , जालौन ,ललितपुर ,झांसी आदि जिलों में भी बुंदेले अपने खून से खत लिखकर बुंदेलखंड के जंगल बचाने की गुहार लगाया
प्रवीण पाण्डेय बताया कि कोरोना महामारी में जिस तरह से आक्सीजन की कमी महसूस की गई, उसे देखते हुए अब हीरा खनन के लिए बक्सवाहा जंगल के 2.15 लाख वृक्षों को काटने की अनुमति देना सरकार का आत्मघाती कदम होगा। सरकार अपने फैसले पर पुनर्विचार करे।
कार्यक्रम मे प्रवीण पांडेय, शिवचंद्र शुक्ल, रामप्रसाद धांदु अनुपम शुक्ल, अमरेंद्र सिंह, देवब्रत त्रिपाठी, रिशू केसरवानी, धीरज मोदनवाल, सुशील अवस्थी, अनूप अवस्थी, धीरेंद्र प्रताप धीरू, बेटू तिवारी, भुवन गुप्त, अंगद सिंह, अमित सिंह, राजकली, सावित्री आदि पर्यावरण प्रेमी मौजूद रहे।