गाजियाबाद पुलिस एटीएम हैकिंग की गुत्थी को सुलाझने के लिए पश्चिम बंगाल और गुजरात पुलिस की लेगी मदद


गाजियाबाद ब्यूरो। गाजियाबाद के नंदग्राम में एटीएम मशीन को हैक कर 17 लाख 20 हजार रुपये निकलने के मामले में अब पुलिस, पश्चिम बंगाल और गुजरात की तरफ देख रही है। दोनों जगहों पर इस प्रकार के गैंग की गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब वहां से गिरफ्तार हुए बदमाशों का रिकॉर्ड ले रही है।
इसके अलावा गाजियाबाद पुलिस मिली मशीन को हैक करने वाले आरोपी की फुटेज भी वहां की पुलिस को दे रही है। जानकारी के अनुसार, जरूरत पड़ने पर गाजियाबाद पुलिस गैंग के सदस्यों से बंगाल और गुजरात में जाकर पूछताछ भी कर सकती है। हालांकि अभी शुरुआत में केस को समझने के लिए गाजियाबाद पुलिस दोनों राज्यों की पुलिस से तालमेल बिठा रही है।
6 मई को एक युवक ने एटीएम के अंदर जाने के बाद उसमें ड्राइव लगाकर मशीन हैक किया और फिर 17 लाख 20 हजार रुपये निकाल लिए। मामले में मुकदमा दर्ज दर्ज होने के बाद पुलिस जांच में सामने आया है कि ड्राइव को लिंक करने के लिए ओटीपी की जरूरत होती है, ऐसे में अब दोनों राज्यों में हुई गिरफ्तारी पर पुलिस की उम्मीद टिकी हुई है।
गाजियाबाद के दूसरे बैंकों से मांगी गई डिटेल
जानकारी के अनुसार, एक्सिस बैंक के एटीएम के हैक होने के बाद पुलिस अन्य बैंकों से किसी भी प्रकार के ऑड ट्रांजेक्शन के बारे में जानकारी कर रही है। इसके लिए सभी प्रमुख बैंकों से तालमेल किया जा रहा है। साथ ही इस मामले में अभी तक पुलिस कई साइबर एक्सपर्ट की मदद ले चुकी है। दूसरी तरफ एक्सिस बैंक के उस एटीएम पर गार्ड को तैनात किया गया है, जहां से रुपये निकले हैं।
नंबरों की जांच जारी
दूसरी तरफ पुलिस के पास 60 संदिग्ध नंबर हैं जो घटना के वक्त आसपास ऐक्टिव थे। इसमें पुलिस ने उन प्रमुख पॉइंट से भी नंबर लिए हैं जो एटीएम के आसपास हैं। थाना प्रभारी नीरज कुमार ने बताया कि हैकर के बारे में जानकारी करने के लिए कई टीमें लगी हैं। हर स्तर पर जांच की जा रही है।
बैंक या एजेंसी से जुड़े व्यक्ति का रोल नहीं मिला!
जानकारी के अनुसार, एटीएम हैकिंग के मामले में पुलिस द्वारा सुरक्षा एजेंसी के कई लोगों से पूछताछ की गई है, लेकिन अभी तक बैंक के अंदर से इस चोरी में कोई रोल नहीं मिला है। ऐसे में पुलिस की टेंशन बढ़ गई है।