'खुशी दुबे को न्याय नहीं मिला तो कर लूंगा आत्मदाह', ब्राह्मण नेता की चेतावनी


आगरा। उत्तर प्रदेश के कानपुर के विकास दुबे के भतीजे अमर दुबे की पत्नी खुशी दुबे को 'न्याय' दिलाने के लिए आगरा के ब्राह्मण समाजसेवी संगठनों ने गुहार लगाई है। खुशी दुबे इन दिनों लखनऊ के अस्पताल में भर्ती हैं। उनकी हालत नाजुक बताई जा रही है। राष्ट्रीय हिंदू परिषद भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष गोविंद पाराशर ने योगी सरकार को चेतावनी देते हुए कहा है कि खुशी दुबे को न्याय नहीं मिला तो वह कानपुर मुख्यालय में आत्मदाह कर लेंगे।
सोमवार को पहुंचेंगे कानुपर मुख्यालय
गोविंद पाराशर ने कहा कि सात जून तक खुशी दुबे के दोषी होने की जांच शुरू नहीं की तो वे सोमवार 7 जून को अपनी कार से कानपुर मुख्यालय पहुंचेंगे और वहां आत्मदाह करेंगे। उन्होंने तीन दिन में जांच शुरू करवाने की मांग की है। चेतावनी के बाद से पुलिस का खुफिया विभाग सक्रिय हो गया है। गोविंद पाराशर पर नजर रखी जा रही है।
अपराधी का रिश्तेदार अपराधी तो नहीं
गोविंद पाराशर का कहना है कि अपराधी का रिश्तेदार अपराधी नहीं होता है। बिकरू कांड से पांच दिन पूर्व ही खुशी दुबे की शादी हुई थी। इसके १० दिन बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया जबकि अमर दुबे को एनकाउंटर में पुलिस ने मार गिराया था। उन्होंने यह भी कहा है कि सीबीसीआईडी जांच में पता किया जाए क्या खुशी दुबे का कोई पुराना अपराधिक रिकॉर्ड है।
सोशल मीडिया पर शुरू हुई अपील
गोविंद पाराशर ने ब्राह्मण समाज के लोगों ने अपील की है कि ट्विटर, फेसबुक, वॉट्सऐप आदि सोशल मीडिया के जरिए खुशी दुबे को न्याय दिलाने के लिए सरकार से अपील करें। गोविंद पाराशर का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
मदद के लिए उठ रहे हाथ
एसपी नेत्री रौली ने कहा है कि सरकार उन्हें खुशी दुबे का इलाज कराने की मंजूरी दे। अपने खर्चे पर वे खुशी दुबे का इलाज करवाएंगी। इधर दिवंगत हिंदू संगठन नेता कमलेश तिवारी की पत्नी किरण तिवारी भी उनसे मिलने के लिए लखनऊ अस्पताल पहुंची हैं।
लखनऊ के अस्पताल में चल रहा है इलाज
कानपुर के चर्चित कांड विकास दुबे के भतीजे अमर दुबे की पत्नी खुशी दुबे का इलाज लखनऊ में चल रहा है। शुक्रवार को उसे कानपुर से लखनऊ लाया गया है। खुशी दुबे की हालत नाजुक बताई जा रही है।