श्रीकृष्ण जन्मभूमि प्रकरण: चौरासी कोस के इलाके के बाहर शाही मस्जिद के लिए डेढ़ गुना जमीन देने का प्रस्ताव


मथुरा। उत्तर प्रदेश के मथुरा में श्रीकृष्ण विराजमान की 13.37 एकड़ भूमि को शाही मस्जिद से मुक्त कराने और मस्जिद को मंदिर से हटाने के लिए जिले के सिविल जज (सीनियर डिवीजन) की अदालत में एक याचिका दायर की गई है। याचिकाकर्ता श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति आंदोलन समिति के अध्यक्ष महेंद्र प्रताप सिंह ने बृज के चौरासी कोस क्षेत्र से मस्जिदों को हटाने की मांग की है। इसके अलावा प्रतिवादी के रूप में शामिल इंतजामिया कमिटी को 84 कोस क्षेत्र के बाहर डेढ़ गुना जमीन मस्जिद के लिए देने का प्रस्ताव भी दिया गया है, जिससे कि मामले का निपटारा शांति से हो सके। सिविल जज सीनियर डिविजन की अदालत ने मामले में सुनवाई के लिए 5 जुलाई की तारीख दी है।
मंगलवार को महेंद्र प्रताप सिंह ने ठाकुर केशवदेव को वादी बनाते हुए श्री कृष्ण जन्म भूमि की 13.37 एकड़ भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने को लेकर मथुरा के सिविल जज की अदालत में याचिका दी है। अदालत में पहले से लंबित याचिकाओं में वकील महेंद्र प्रताप सिंह द्वारा दायर याचिका भी जोड़ दी गई है। इस याचिका में श्री कृष्ण जन्मस्थान के पास बनी शाही ईदगाह मस्जिद को जन्मभूमि के पास से हटाकर बृज चौरासी कोस क्षेत्र के बाहर स्थापित करने और उसके लिए जमीन देने की मांग की गई है। इसके लिए डेढ़ गुना जमीन देने का प्रस्ताव भी दिया गया है।
'मस्जिद में सीढ़ियों पर लगे हैं भगवान केशव देव मंदिर के पत्थर'
अधिवक्ता अखंड प्रताप सिंह का कहना है कि याचिका में न्यायालय से कहा गया है कि आगरा स्थित फोर्ट मस्जिद में सीढ़ियों पर भगवान केशवदेव मंदिर के पत्थर लगाए गए हैं। जिससे धार्मिक भावनाएं आहत होती हैं। इस दलील के साथ अदालत से यह मांग की गई है कि मस्जिद परिसर का ASI से सर्वे कराया जाए और इसकी रिपोर्ट भी सार्वजनिक की जाए।