आईएएस अधिकारी गौरव दहिया पर रेप का आरोप, महिला ने राष्ट्रपति से मांगी इच्छा मृत्यु


  • पीड़िता ने राष्ट्रपति को एक पत्र लिखकर न्याय न मिलने पर इच्छा मृत्यु की मांग की है
  • पीड़िता ने कहा- बच्ची का डीएनए जांच करा लें
  • गौरव दहिया हरियाणा के गुड़गांव का रहने वाला है
अलीगढ़। अलीगढ़ में एक महिला ने गुजरात कैडर के आईएएस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। महिला का कहना है कि आईएएस गौरव दहिया ने उसके साथ रेप कर अश्लील वीडियो बनाए और ब्लैकमेलिंग कर उसके साथ शादी की है, जबकि वह पहले से शादीशुदा था। पीड़िता का कहना है कि उसकी जो बच्ची है, वह आईएएस गौरव की है और उसके लिए वह डीएनए जांच कराने को तैयार है। पीड़िता ने राष्ट्रपति को एक पत्र लिखकर न्याय न मिलने पर इच्छा मृत्यु की मांग की है।
अलीगढ़ की रहने वाली महिला ने नेपाल के नेशनल मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस किया। वर्ष 2017 में महिला अपनी नानी के घर अतरौली में थी, तभी उनके पास फेसबुक मैसेंजर से एक मैसेज आया। मेसेज भेजने वाले का नाम गौरव दहिया था। गौरव दहिया के फेसबुक प्रोफाइल को महिला ने जब चेक किया तो उस पर गौरव ने खुद को गुजरात कैडर का आईएएस बताया हुआ था। गौरव दहिया ने महिला को शादी के लिए प्रपोज किया और अपने माता-पिता से मिलाने की बात कही गई। गौरव दहिया की पोस्टिंग गुजरात में एनआरएचएम में मिशन डायरेक्टर के पद पर थी।
आईएएस अपने मम्मी-पापा से मिलाने के बहाने ले गया, किया रेप
25 जनवरी 2018 को आईएएस गौरव दहिया गाड़ी से अतरौली पहुंचा और महिला को अपने साथ मम्मी पापा से मिलवाने दिल्ली ले गया। महिला का आरोप है कि दिल्ली के होटल में गौरव ने कुछ नशीला पदार्थ खिलाकर उसके साथ रेप किया और उसका वीडियो और फोटो ले लिया। जिसके बाद से वह लगातार उसको ब्लैकमेल करने लगा। गौरव ने उससे शादी का दबाव बनाया और 24 फरवरी 2018 को तिरुपति बालाजी मंदिर ले जाकर उसने साथ शादी कर ली। बाद में महिला को पता चला कि वह पहले से ही शादीशुदा है।
दिल्ली ने रहने को दिया फ्लैट
महिला ने बताया कि शादी के बाद दिल्ली के साउथ एक्स में फ्लैट लेकर रहने को दे दिया और खुद गुजरात वापस चला गया। इस दौरान महिला गर्भवती हो गई। दिल्ली के एक अस्पताल में 23 नवंबर 2018 को महिला ने 1 बच्ची जन्म दिया। उसमें कंसेंट में गौरव ने अपने साइन किए और बच्ची की बर्थ सर्टिफिकेट में भी पिता के नाम पर गौरव का नाम दर्ज है। बच्ची के पैदा होने से गौरव खफा हो गया। वापस गुजरात चला गया। महिला ने उसे कई बार संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उसको अपनाने को तैयार नहीं हुआ। जिसके बाद उसने अपनी बेटी को भी अपनाने से इनकार कर दिया।
पहली पत्नी ने भी ले लिया तलाक
महिला ने गुजरात में वर्ष 2019 में जीएडी विभाग में शिकायत की, जिस पर गुजरात के चीफ मिनिस्टर ने 5 आईएएस सदस्य की कमेटी बनाई और मामले की जांच के आदेश दिए। सदस्यों ने जांच में पाया कि महिला के आरोप सही हैं। लिहाजा 14 अगस्त 2019 को गौरव दहिया को गुजरात सरकार ने निलंबित कर दिया। गौरव की पहली पत्नी ने भी गौरव से तलाक ले लिया और अलग हो गई। गौरव दहिया हरियाणा के गुड़गांव का रहने वाला है।
कोर्ट के आदेश पर दर्ज हुआ मामला
निलंबित होने के बाद गौरव ने महिला पर आरोप वापस लेने का दबाव बनाने लगा, महिला ने ऐसा नहीं किया। न्याय पाने के लिए जगह-जगह गई। उसने दिल्ली, गुजरात ,अलीगढ़ कई जगह पर शिकायत दर्ज कराने की कोशिश की, लेकिन कहीं भी उसकी सुनवाई नहीं हुई। उल्टा गौरव दहिया ने उसके खिलाफ दिल्ली के मालवीय नगर थाने में पैसे मांगने को लेकर एक एफआईआर दर्ज करा दी। जब कहीं इन्साफ नहीं मिला तो उसने अलीगढ़ कोर्ट में एफआईआर करने के लिए आवेदन दिया। जिस पर कोर्ट के आदेश के बाद गौरव दहिया के खिलाफ 25 जनवरी 2021 को थाना अतरौली में मामला दर्ज हुआ, लेकिन पुलिस ने अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की।
डीएनए जांच को महिला तैयार
महिला ने कहा कि गुजरात के रहने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ का नारा दिया था, लेकिन उन्हीं के गुजरात कैडर के आईएएस ने उनका और उनकी बेटी का जीवन नरक बना दिया है। बेटी को मानने से इनकार कर दिया है। बेटी के डीएनए की जांच के लिए वह तैयार है, लेकिन आईएएस भाग रहा है। महिला लगातार अपनी बेटी के लिए न्याय मांग रही है। उसका कहना है कि उसकी बेटी की डीएनए जांच कराई जाए, ताकि इस बात का सच सामने आए कि वह गौरव दहिया की ही बेटी है। महिला ने राष्ट्रपति को भी एक पत्र लिखा है, जिसमें उसने सीबीआई जांच की मांग करते हुए न्याय मांगा है, अन्यथा बेटी के साथ मरने की इच्छामृत्यु अनुमति मांगी है।