जम्मू-कश्मीर में सिख लड़कियों के धर्मांतरण मामले में जागो पार्टी ने किया प्रदर्शन


नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर की सिख लड़कियों के धर्मांतरण की आग दिल्ली तक पहुंच गई है। दिल्ली के सिख समुदाय में इसे लेकर नाराजगी बढ़ती जा रही है। ‘जागो’ पार्टी ने इस मुद्दे को लेकर दिल्ली के जम्मू-कश्मीर हाउस पर जमकर रोष प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनकारी केंद्र सरकार से इस मामले में हस्तक्षेप कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे थे। इसके बाद पार्टी के प्रतिनिधिमंडल ने जम्मू-कश्मीर हाउस के सहायक रेजिडेंट कमिश्नर नीरज कुमार को ज्ञापन सौंपा। इस मौके पर ‘जागो’ के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष मनजीत सिंह जीके ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में सिखों के साथ केंद्र सौतेले व्यवहार कर रहा है। सरकार को यह नहीं भूलना चाहिए कि अगर आज कश्मीर घाटी भारत के साथ है, तो उसके पीछे सिखों की बड़ी कुर्बानी है। बुरे हालातों में भी घाटी में टिके रहना सिखों ने मंजूर किया। कश्मीरी पंडित पलायन कर गए लेकिन सिखों ने अपने राज्य को छोड़ना उचित नहीं समझा। उन्होंने प्रधानमंत्री के दखल की मांग करते हुए धर्मांतरण के खिलाफ सख्त कानून जम्मू-कश्मीर में बनाने की मांग की।
राज्य में आनंद मैरिज एक्ट लागू करने, विस्थापित सिखों को सम्मानजनक राहत पैकेज देने, विस्थापित सिखों को कश्मीरी पंडितों के बराबर सुविधाएं देकर विधानकार मनोनीत करने के लिए पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर के हिस्से वाली असक्रिय पड़ी 8 सीटों को खोलने की मांग को तुरंत स्वीकार करने का निवेदन किया है। जम्मू-कश्मीर के सिखों के जख्मों पर मरहम लगाने के साथ ही राष्ट्रवादी नागरिकों को उनका हक देने के लिए इसे जरूरी कदम बताया है। प्रदर्शनकारियों का यह भी कहना था कि पुलिस प्रशासन ने 2 दिन अपनी हिरासत में रखने के बाद लड़की को कोर्ट में पेश किया। जम्मू कश्मीर में सिखों की कुल आबादी 5 लाख के करीब है जिसमें कश्मीर घाटी में 3200 सिख रहते हैं।
दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने जम्मू-कश्मीर में धर्म परिवर्तन कराकर विवाह कराने के मामले पर रोष जाहिर किया है। इस मामले को लेकर प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष मनजिंदर सिंह सिरसा ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से टेलीफोन पर बातचीत की। सिरसा ने बताया कि गृह मंत्री ने फोन पर हुई बातचीत के दौरान भरोसा दिलाया कि वह पूरे हालात की स्वयं निगरानी कर रहे हैं। सूबे के उपराज्यपाल से केस के विवरण प्राप्त कर चुके हैं। गृह मंत्री ने यह भी भरोसा दिलाया है कि सिख लड़कियां जल्द ही परिवारों के पास आएंगी। सिरसा ने कश्मीर के सियासी नेताओं से भी अपील की है कि इस मामले पर अपनी चुप्पी तोड़े। जब तक इंसाफ नहीं मिलता तब तक दिल्ली गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी चैन से नहीं बैठेंगे।