महाराष्ट्र के बुलढाणा की शर्मनाक घटना, बच्चे से साफ करवाया क्वारंटीन सेंटर का टॉयलेट!


  • महाराष्ट्र के बुलढाणा में घटी बेहद शर्मनाक और अमानवीय घटना
  • 8 साल के मासूम से क्वारंटाइन सेंटर का टॉयलेट साफ करवाया
  • ग्राम पंचायत कर्मचारी ने साफ करवाया टॉयलेट
  • भगवान भरोसे छोड़ी गई बच्चों की सुरक्षा
बुलढाणा। महाराष्ट्र के बुलढाणा जिले में बेहद शर्मनाक और दिल को झकझोर देने वाला वीडियो सामने आया है। बुलढाणा के संग्रामपुर तहसील के मारोड गांव में कोरोना संक्रमित मरीजों के लिए बनाए गए क्वारंटीन सेंटर में एक अमानवीय घटना घटी है। यहां के स्कूल में बनाये गए क्वारंटीन सेंटर के टॉयलेट को एक आठ साल के मासूम बच्चे  से साफ करवाने का मामला सामने आया है। इस घटना का वीडियो फिलहाल राज्य में चर्चा का विषय बना हुआ है। एक तरफ जहां राज्य सरकार बच्चों की सुरक्षा का दावा करती है तो दूसरी तरफ ऐसी तस्वीरें राज्य में बच्चों की सुरक्षा पर सवालिया निशान खड़ा करती हैं।
महाराष्ट्र सरकार ने ग्रामीण इलाकों के सरकारी और सरकारी स्कूलों को क्वारंटाइन सेंटर तब्दील किया हुआ है। ताकि कोरोना संक्रमित मरीजों वहां रखा जा सके और अन्य लोगों को संक्रमण से बचाया जा सके। लेकिन बुलढाणा जिले के इस अजीबोगरीब मामले ने बच्चों की सुरक्षा पर प्रश्नचिन्ह लगा दिया है। सवाल यह भी है कि अगर इस बच्चे को कोरोना हो जाता तो इसका जिम्मेदार कौन होता? क्या राज्य के अन्य स्कूलों में भी ऐसे ही हालात हैं। दुर्भाग्यपूर्ण बात यह भी है कि एक बच्चे से ग्राम पंचायत कर्मचारी टॉयलेट साफ करवाता रहा और दूसरी तरफ उसने यह भी कहा कि इस बात की जानकारी गट विकास अधिकारी को है।
हरकत में आया प्रशासन
इस घटना के वीडियो पर मीडिया की नज़र पड़ी तो प्रशासन भी हरकत में आया है। बुलढाणा के जिलाधिकारी ने इस मामले की जांच के लिए एक समिति का गठन किया है। जिन्हें तीन दिन के भीतर अपनी रिपोर्ट देनी हैं। साथ ही इस मामले में जो भी दोषी होगा उसपर कार्रवाई की जाएगी। इस घटना पर बीजेपी नेता चित्रा वाघ ने संबंधित कर्मचारी, गट विकास अधिकारी और जिलाधिकारी पर कार्रवाई करने की मांग मुख्यमंत्री से की है।