मर्डर केस में आरोपी के साथ सेल्फी लेते दिखे पुलिसवाले, मुस्कुराता हुआ दिखा आरोपी


  • सागर हत्याकांड के आरोप में मंडोली की जेल नंबर-15 में बंद थे सुशील
  • तस्वीर लेते समय सुशील के साथ करीब आधा दर्जन पुलिसवाले मौजूद थे
  • गैंगस्टरों से खतरे को देखते हुए सुशील को दी जा रही है अतिरिक्त सुरक्षा
  • कोर्ट ने सुशील कुमार की जूडिशल कस्टडी को 9 जुलाई तक बढ़ाया
दिल्ली ब्यूरो। पहलवान सागर धनखड़ हत्या मामले में मंडोली जेल में बंद ओलंपियन सुशील कुमार को आज तिहाड़ जेल ले जाया गया। जेल ले जाने से पहले पुलिसकर्मियों ने पहलवाल सुशील कुमार के साथ सेल्फी ली। सुशील कुमार ने भी सेल्फी की मांग पर पुलिसवालों को निराश नहीं किया। हत्या के मामले में आरोपी ने भी अलग-अलग पोज में पुलिसवालों के साथ तस्वीरें खिंचवाई।
9 जुलाई तक बढ़ी जूडिशल कस्टडी
तस्वीर में सुशील ऑरेन्ज कलर की टीशर्ट पहने हुए थे। सुशील के साथ करीब आधा दर्जन पुलिसवाले मौजूद थे। इनमें से कुछ पुलिस कर्मी सिविल ड्रेस में हाथ में हथियार के साथ नजर आ रहे हैं। इससे पहले कोर्ट ने सुशील कुमार की जूडिशल कस्टडी को 9 जुलाई तक के लिए बढ़ा दिया। अब सुशील कुमार जेल में ही रहेंगे।
इससे पहले सागर हत्याकांड में मंडोली की जेल नंबर-15 में बंद पहलवान सुशील कुमार को जल्द ही तिहाड़ जेल में शिफ्ट करने की बात कही गई थी। हालांकि, मंडोली जेल में भी उन्हें किसी तरह का कोई खतरा नहीं था। लेकिन सूत्रों के हवाले से रिपोर्ट थी कि तिहाड़ जेल में वह और अधिक सुरक्षित रहेंगे। सूत्रों का कहना था कि इस बात पर विचार-विमर्श किया जा रहा है कि उनका क्वॉरंटीन पीरियड खत्म होने के बाद क्या उन्हें तिहाड़ या रोहिणी जेल में शिफ्ट कर दिया जाए। उनकी कोविड रिपोर्ट पहले ही नेगेटिव आ चुकी थी।
गैंगस्टरों से खतरे को देखते हुए अतिरिक्त सुरक्षा
पहलवान सुशील कुमार को कुछ गैंगस्टरों से कथित रूप से खतरा होने के चलते उनकी सुरक्षा पर अतिरिक्त ध्यान दिया जा रहा है। सूत्रों का कहना है कि सुशील को अगर तिहाड़ जेल में शिफ्ट किया जाता है तो उन्हें यहां की जेल नंबर-2 या फिर जेल नंबर-4 में रखा जा सकता है।
फोटो में काफी खुश दिख रहे सुशील
आज तिहाड़ जेल में शिफ्ट होने से पहले सुशील कुमार काफी खुश नजर आ रहे थे। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार मंडोली की जेल नंबर-15 के एक सेल में बंद सुशील यहां जिम की सुविधा नहीं होने से सुबह-शाम दंड-बैठक लगाते थे। उनका अधिकतर समय एक्सरसाइज करने में बीत रहा था। जेल स्टाफ सुबह-शाम उन्हें सेल के अंदर ही दंड-बैठक लगाते हुए देखता था। खाने में वह रोटी, सब्जी और चावल के अलावा दूध और फल भी ले रहे थे।

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