फेक न्यूज पर सीएम योगी आदित्यनाथ का ऐक्शन, सोशल मीडिया पर शेयर करने पर होगी कड़ी कार्रवाई


  • गाजियाबाद का वीडियो वायरल होने के बाद यूपी सरकार हुई सख्त
  • गलत खबर फैलाने पर ट्विटर इंडिया समेत 9 के खिलाफ केस दर्ज किया गया
  • कहा- साम्प्रदायिक उन्माद फैलाने की एक भी कोशिश प्रदेश सरकार की ओर से स्वीकार नहीं की जाएगी
लखनऊ। सोशल मीडिया पर जाति, धर्म या साम्प्रदायिक भेदभाव फैलाने वालों के खिलाफ यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सख्ती का रुख अपनाया है। बुधवार को सीएम योगी ने सोशल मीडिया के जरिए भ्रामक खबरें फैलाने वालों पर कठोर कार्रवाई करने के निर्देश जारी किए हैं।
'फेक न्यूज और वीडियो प्रासारित करने वालों के साथ सख्ती से निपटे अफसर'
मंगलवार के दिन यूपी के गाजियाबाद से सामने आए अब्दुल समद नाम के व्यक्ति के साथ मारपीट और दाढ़ी काटने का सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद कई नेताओं और यूजर्स की ओर से मामले को धार्मिक रंग देने का प्रयास किया गया था। जिसके बाद मुख्यमंत्री योगी ने कड़ा रुख अपनाते हुए आला अफसरों को ऐसे मामलों पर सख्ती बरतने के निर्देश जारी किए हैं।
सीएम योगी ने कहा कि सोशल मीडिया पर फेक वीडियो और फेक न्यूज के प्रसार करने वालों से सख्ती से निपटा जाए। इतना ही नहीं उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया के जरिए साम्प्रदायिक उन्माद फैलाने की एक भी कोशिश प्रदेश सरकार की ओर से स्वीकार नहीं की जाएगी।
दिया गया धार्मिक रंग
पूरा मामला यूपी के गाजियाबाद जिले से जुड़ा हुआ है, जहां रहने वाले अब्दुल समद नाम के बुजुर्ग व्यक्ति की पिटाई का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने लगा। बुजुर्ग ने थाने में अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर कर्ज कराते हुए उनपर मारपीट करने, द्वेषभाव के चलते दाढ़ी काटने और जबरदस्ती नारे लगवाने का आरोप लगाया था।
पुलिस ने मुकदमा दर्ज करने के बाद मामले की छानबीन की तो पता चला कि बुजुर्ग के साथ जिसकी मारपीट हुई वे सभी आरोपी पहले से ही बुजुर्ग से परिचित थे। पुलिस का कहना है कि बुजुर्ग ताबीज बनाने का काम करता है। आरोपी पक्ष को दिए गए ताबीज का गलत असर होने की बात कहकर आरोपियों ने बुजुर्ग को अपने पास बुलाया था और वहीं पर दोनों के बीच मारपीट हुई।