वंदना मिश्रा मौत मामले में कानपुर पुलिस कमिश्‍नर असीम अरूण पर परिवाद दाखिल


कानपुर ब्यूरो। इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (आईआईए) महिला विंग की अध्यक्ष वंदना मिश्रा की मौत का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। मंगलवार को एक वादी ने सीएमएम कोर्ट में कानपुर पुलिस कमिश्नर, डीसीपी टैफिक, टीएसआई, एसीपी गोविंद नगर और गोविंद नगर इंस्पेक्टर के खिलाफ परिवाद दाखिल कराया है। बीते शुक्रवार को गोविंदपुरी पुल के नीचे से राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद प्रेसिडेंशियल ट्रेन से गुजर रहे थे। जिसकी वजह से पुल पर जाने वाले ट्रैफिक को रोका गया था। समय पर अस्पताल नहीं पहुंच पाने की वजह से वंदना मिश्रा का निधन हो गया था।
किदवई नगर के ब्लॉक में रहने वाली वंदना मिश्रा आईआईए महिला विंग की अध्यक्ष थीं। वंदना मिश्रा को डेढ महीने पहले कोरोना हुआ था। बीते 25 जून (शुक्रवार) को अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई थी। वंदना मिश्रा के परिजन सुबह रिजेंसी हॉस्पिल ले गए थे, और दोपहर तबीयत में सुधार होने पर घर लेकर आ गए थे। शाम के वक्त हालत बिगड़ने पर परिवारीजन उन्हें अस्पताल ले जाने के लिए निकले थे। इसी दौरान गोविंदपुरी पुल के नीचे से प्रेसिडेंशियल ट्रेन से राष्ट्रपति का काफिला गुजर रहा था।
पुलिस ने गोविंदपुरी पुल पर चढ़ने वाले वाहनों को रोक दिया गया था। वंदना मिश्रा की कार को भी रोका गया था। वंदना मिश्रा के पति शरद मिश्रा पुलिस अधिकारियों के सामने गिड़गिड़ाते और मिन्नतें करते रहे, कि उन्हें जाने दिया जाए। शरद मिश्रा ने पुलिस कर्मियों को बताया था कि मेरी पत्नी की तबीयत बहुत खराब है। यदि समय से अस्पताल नहीं पहुंची तो उसकी जान भी जान सकती है। लेकिन पुलिस नहीं उनकी बात नहीं सुनी। वंदना मिश्रा जब अस्पताल पहुंची तो उनकी मौत हो चुकी थी।
आईआईए महिला विंग की अध्यक्ष वंदना मिश्रा के निधन पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने शोक व्यक्त किया था। इसके साथ ही पुलिस कमिश्नर असीम अरूण ने ट्वीट कर माफी मांगी थी। इस घटना पर कार्रवाई करते हुए एसआई समेत तीन सिपाहियों को सस्पेंड कर दिया था। इसके साथ ही बीते सोमवार को कानपुर के सांसद सत्यदेव पचौरी और गोविंद नगर विधायक सुरेंद्र मैथानी ने वंदना मिश्रा के परिवार से मिलकर सांत्वना दी थी। वहीं वंदना मिश्रा के पति शरद मिश्रा ने सस्पेंड किए गए पुलिस कर्मियों को बहाल करने की मांग की थी।
सीसामऊ थाना क्षेत्र के हीरागंज निवासी जितेंद्र शुक्ला ने पुलिस कमिश्नर समेत 6 पुलिस कर्मियों के खिलाफ सीएमएम कोर्ट में परिवाद दाखिल कराया है। वादी जितेंद्र शुक्ला का कहना है कि इस प्रकरण में पुलिस कमिश्नर ने ट्वीट कर माफी मांगी थी। हमारे संविधान में स्पष्ट है कि यदि कोई व्यक्ति गलती स्वीकार करता है तो दंड का प्रावधान है।
'माफी मांगना अपराध का समाधान नहीं है'
वादी जितेंद्र शुक्ला के वकील नमन गुप्ता का कहना है कि 25 जून को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद कानपुर के दौरे पर थे। जिसकी व्यवस्था पुलिस कमिश्नर देख रहे थे। ट्रैफिक व्यवस्था के जो नियम बताए थे, उसका पालन ठीक ढंग से नहीं हुआ। जिसकी वजह से कई घंटे तक ट्रैफिक जाम रहा। ट्रैफिक व्यवस्था खराब होने की वजह से वंदना मिश्रा समय पर हॉस्पिटल नहीं पहुंच पाईं और उनकी मौत हो गई। पुलिस कमिश्नर ने माफी भी मांगी थी। लेकिन माफी मांगना किसी भी अपराध का समाधान नहीं है। उन्‍हें दंडित करना आवश्यक है, इस संबध में परिवाद दाखिल किया गया है।