मदद वाहिनी में इलाज के लिए आईं ज्यादातर सेक्स वर्कर्स एचआईवी


नई दिल्ली। सेंट्रल जिले में मदद की गाड़ी जीबी रोड तक पहुंच गई हैं, जहां आई ज्यादातर सेक्स वर्कर्स एचआईवी पॉजिटिव मिलीं। प्रशासन की मानें तो पिछले कुछ दिनों से हेल्थ सुविधाएं मुहैया कराने के लिए मदद वाहिनी चलाई जा रही है, जो खासतौर पर स्लम इलाकों और जीबी रोड की सेक्स वर्कर्स को मूलभूत सुविधाएं पहुंचाने के लिए चलाई जा रही हैं। अब तक कुल 10 जगहों पर वह गाड़ी जा चुकी है, जहां 300 से ज्यादा लोगों ने पहुंचकर प्राथमिक चिकित्सा ली। मंगलवार को यह गाड़ी जीबी रोड गई थी, जहां 30 सेक्स वर्कर्स ने इसका लाभ लिया।
अधिकारियों ने बताया कि जीबी रोड पर इलाज के लिए आई ज्यादातर महिलाओं को एचआईवी/एड्स है। इसकी संख्या 40 फीसदी से अधिक है। वहीं 25 फीसदी से ज्यादा महिलाएं खून की कमी यानी एनीमिया से जूझ रही हैं। 15 फीसदी महिलाएं अस्थमा का शिकार हैं, जबकि 5-6 फीसदी महिलाओं को मासिक धर्म की समस्या है। डॉक्टरों की टीम ने उन महिलाओं को साफ-सफाई सम्बंधी सलाह दी। वहीं बीमारी से बचने के तरीके भी बताए।
इस मुहिम से जुड़े अधिकारियों ने बताया कि जीबी रोड के अलावा यह गाड़ी सेंट्रल दिल्ली के स्लम वाले इलाकों में भी गई थी। स्लम इलाकों में 275 लोगों को डॉक्टरों की टीम ने मेडिकल हेल्प दी। ज्यादातर मरीजों को हाइपरटेंशन की बीमारी मिली। अधिकारियों ने बताया कि 25 फीसदी मरीज हाइपरटेंशन से पीड़ित मिले, जबकि 20 फीसदी के करीब मरीज (ज्यादातर महिलाएं) खून की कमी से परेशान थी। डॉक्टरी सलाह के लिए आए 5 फीसदी बच्चे कुपोषण का शिकार मिले, जबकि 20 फीसदी के करीब मरीज डायबिटीज से पीड़ित थे।
सेंट्रल जिले की डीएम आकृति सागर ने बताया कि यह मुहिम जारी है। कैम्प इसलिए लगाया जा रहा है, क्योंकि कोविड के कारण कई लोगों के हेल्थ चेकअप नहीं हो सके हैं। उनको इस मुहिम से सुविधा होगी, वहीं वह अस्पताल जाने से भी बच जाएंगे।