धर्मांतरण रैकेट मामला: मार्च में फतेहपुर के नूरुल हुदा स्कूल में आया था उमर गौतम, टीचर को धर्मांतरण का दिया था प्रलोभन


  • कथित धर्मांतरण रैकेट के सामने आने के बाद हैरान करने वाली चीजें निकलकर सामने आ रही हैं
  • नूरुल हुदा स्कूल की एक पूर्व टीचर ने आरोप लगाया कि मार्च में उमर गौतम स्कूल आया था
  • बच्चों पर बनाया गया विशेष प्रार्थना का दबाव, विरोध करने पर टीचर को स्कूल से निकाला गया

फतेहपुर/कानपुर। कथित धर्मांतरण रैकेट के सामने आने के बाद पूरे यूपी भर से हैरान करने वाली चीजें निकलकर सामने आ रही हैं। गुरुवार को फतेहपुर से नूरुल हुदा स्कूल की एक पूर्व शिक्षिका ने आरोप लगाया कि मार्च में मोहम्मद उमर गौतम स्कूल आया था। उसने सारे बच्चों पर 'विशेष प्रार्थना' पढ़ने का दबाव बनाया गया। विरोध करने पर उसे स्कूल से निकाल दिया गया। एक साल का वेतन भी नहीं दिया गया था। पुलिस ने एफआईआर दर्ज होने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की।
फतेहपुर के प्रतिष्ठित स्कूलों में शुमार नूरुल हुदा स्कूल प्रबंधन ने मार्च में कल्पना सिंह नाम की टीचर को नौकरी से निकाल दिया गया था। 20 मार्च की इस घटना में कल्पना सिंह ने आरोप लगाया था कि हिंदू बच्चों को अरबी-फारसी पढ़ाने का विरोध करने पर प्रबंधक मौलाना शरीफ और उनके बेटे उमैर भड़क गए थे। कल्पना को कथित तौर पर एक साल का वेतन भी नहीं दिया गया था। कल्पना ने दोनों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इस मामले में करणी सेना भी मैदान में आ गई थी, लेकिन इसे पेशबंदी का मामला मान किसी ने ध्यान नहीं दिया।
पुलिस ने मामले में कोई कार्रवाई नहीं की
कल्पना सिंह गुरुवार को मीडिया के सामने आईं। उन्होंने आरोप लगाया कि स्कूल प्रबंधन मोहम्मद उमर गौतम के साथ मिलकर बच्चों के धर्मांतरण की साजिश रच रहा था। मार्च में मोहम्मद स्कूल आया था। यहां कथित तौर पर हिंदू बच्चों को मुस्लिम बच्चों के साथ 'विशेष प्रार्थना' पढ़ने और विशेष शिक्षा देने का उसने विरोध किया। बच्चों को परिवार की गरीबी दूर करने का भी 'लालच' दिया गया। कल्पना सिंह का आरोप है कि पुलिस ने इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की।
नूरुल हुदा स्कूल के केस में चार्जशीट लग चुकी है। शिक्षिका ने धर्मांतरण के लिए प्रेरित करने संबंधी जो आरोप लगाए हैं, उनकी जांच कराई जाएगी। सतपाल अंतिल, एसपी, फतेहपुर
धर्म बदल पुराने नाम से रहने का आरोप
जिले के गाजीपुर कस्बे में धर्म परिवर्तन के 3-4 केस सामने आए हैं। कस्बे में ही छोटी से दुकान चलाने वाले रमेश ने करीब 8 साल पहले शहर में ही धर्म परिवर्तन कर लिया था। उसे नया नाम सलाहुद्दीन मिला, लेकिन सरकारी दस्तावेजों में उसका पुराना नाम यथावत रहा। रमेश उर्फ सलाहुद्दीन की पत्नी का दावा है कि काफी समय तक उसे पति के धर्म और नाम बदलने के बारे में कुछ पता नहीं चला।
पता चलने पर टोकाटाकी की, लेकिन उसे कोई फर्क नहीं पड़ा। रमेश को कुछ दोस्त सलाहुद्दीन के नाम से बुलाते हैं। रमेश बताते हैं कि शादी के बाद मुंबई जाने पर धर्म बदला। कई बार उसे जहानाबाद कस्बे में जाने पर रुपये मिलने की बात कही गई, लेकिन वहां जाना उसे पसंद नहीं था।
कानपुर में एटीएस ने घंटों की पूछताछ
धर्मांतरण रैकेट का पर्दाफाश होते ही सक्रिय हुई एटीएस की टीम ने गुरुवार को कानपुर में घंटों ज्योति मूक-बधिर विद्यालय में जांच-पड़ताल करने के बाद स्कूल प्रबंधक से पूछताछ की। दूसरी तरफ आदित्य उर्फ अब्दुल के परिवार ने मीडिया से दूरी बना ली है। वह इस विषय पर कुछ बोलने को तैयार नहीं हैं। सूत्रों के अनुसार, एक कोर्स के जरिए आदित्य को डी-रेडिकलाइज किया जा रहा है।
एटीएस ने लखनऊ में जिस दिन कथित धर्मांतरण गैंग का पर्दाफाश किया था, उसके एक दिन पहले आदित्य अचानक घर लौट आया था। मंगलवार को एटीएस आदित्य के घर पहुंची थी। साइन लैंग्वेज विशेषज्ञ के जरिए मिली जानकारी के बाद पुलिस ने बिठूर के ज्योति मूक-बधिर विद्यालय में जाकर पिछले साल के बच्चों और टीचरों के रेकॉर्ड मांगे थे। गुरुवार को स्कूल में काफी समय मौजूद रहने के बाद एटीएस ने प्रबंधक से घंटों पूछताछ की।
घाटमपुर की युवती भी हुई शिकार
दूसरी तरफ मोहम्मद उमर गौतम के रैकेट का शिकार हुई एक और युवती के बारे में जानकारियां सामने आई हैं। बताया जाता है कि 2018 में 33 महिलाओं ने धर्मांतरण किया। इन्हें ‘शाइनिंग स्टार्स’ का नाम दिया गया था। घाटमपुर की एक ऋचा 26 ने कानपुर और प्रयागराज से पढ़ाई की। सिविल सर्विसेज की तैयारी के दौरान वह एक प्रफेसर के संपर्क में आई और उसने धर्म बदल दिया। नया नाम रखा गया माहीन अली। ऋचा उर्फ माहीन एक कंपनी में जॉब करती है और परिवार से अलग नोएडा में रहती है। गुरुवार को एटीएस छात्रा के घर पहुंची, लेकिन परिवार ने किसी जानकारी से इनकार कर दिया।