डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने लगाया जनता दर्शन, कहा- जन समस्याओं का त्वरित गति से किया जाए निस्तारण


लखनऊ डेस्क। उत्तर प्रदेश सरकार के पर्यटन मंत्री डॉ. नीलकंठ तिवारी ने रविवार को जनपद वाराणसी में अपनी विधानसभा क्षेत्र, वाराणसी शहर दक्षिणी के अंतर्गत वर्ष 2021 की बोर्ड परीक्षा में उत्तीर्ण हुए समस्त छात्र-छात्राओं से वर्चुअल संवाद किया। कोरोना महामारी के मद्देनजर हाल ही में केंद्र सरकार ने 12वीं कक्षा के सभी छात्र-छात्राओं के बोर्ड परीक्षा को निरस्त कर सभी छात्रों को उत्तीर्ण करने का फैसला लिया था। इसी क्रम में मंत्री डॉ. नीलकंठ तिवारी ने सभी उत्तीर्ण बच्चों से वर्चुअल संवाद कर उनका हाल चाल जाना तथा भविष्य को लेकर उनकी तैयारियों के बारे में चर्चा किया। वार्ता के दौरान कई बच्चों ने मंत्री से सवाल भी पूछे। सनबीम स्कूल भगवानपुर से उत्तीर्ण छात्रा श्रेष्ठा ने तत्कालीन परिस्थितियों में लिए गए निर्णयों को सर्वोत्तम बताते हुए आगे की शिक्षा नीति के बारे में जानना चाहा। वहीं आर्य महिला इंटर कालेज से उत्तीर्ण अंजलि ने आगे की कक्षाओं में चयन प्रक्रिया के बारे में प्रश्न किया। डॉ. तिवारी ने एक-एक करके सैकड़ों बच्चों को उनके सवालों का जवाब दिया। उन्होंने सभी बच्चों को प्रेरित करते हुए कहा की आज का नौजवान सकारात्मक दृष्टिकोण रखते हुए अपने आप को विकास की ओर अग्रसर कर रहे हैं। सभी ने सरकार के साथ मिलकर अनिश्चय के भाव को समाप्त किया है। डॉ. तिवारी ने 21 जून को होने वाले अंतराष्ट्रीय योग दिवस की चर्चा करते हुए सभी छात्र-छात्राओं से निवेदन किया की प्रतिदिन एक घंटा योग करें। योग करने से मस्तिष्क दुरुस्त रहता है। वार्ता में करीब 700 छात्र-छात्राएं सम्मिलित हुये।
मध्य गंगा नहर परियोजना-द्वितीय चरण के कार्यों हेतु 300 करोड़ रूपये की धनराशि स्वीकृत
सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग द्वारा चालू वित्तीय वर्ष में मध्य गंगा नहर परियोजना-द्वितीय चरण हेतु प्राविधानित 300 करोड़ रूपये की धनराशि परियोजना के कार्यों पर व्यय करने के लिए प्रमुख अभियन्ता एवं विभागाध्यक्ष सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग उ0प्र0 लखनऊ के निवर्तन पर रखे जाने की स्वीकृति प्रदान की गयी है। इस धनराशि के सम्बन्ध में विशेष सचिव सिंचाई श्री मुश्ताक अहमद की ओर से 08 जून, 2021 को आवश्यक शासनादेश जारी कर दिया गया है। शासनादेश में कहा गया है कि परियोजनाके सम्बन्ध में आवश्यक विधिक अनापत्तियां एवं पर्यावरणीय क्लीयरेन्स सक्षम स्तर से प्राप्त करने के बाद ही निर्माण कार्य शुरू कराया जाए। इसके अलावा यह भी निर्देश दिए गए हैं कि परियोजना के प्रस्ताव में भूमि अध्याप्ति की व्यवस्था की गयी है। इसलिए प्रशासकीय विभाग द्वारा भूमि का क्रय सुसंगत वित्तीय नियमों के अधीन सुनिश्चित किया जाए। परियोजना पर धनराशि व्यय करते समय वित्तीय निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन करते हुए निर्माण कार्यों में गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए। इसके अलावा परियोजना को तय समय में पूरा किया जाए, ताकि पुनः कास्ट ओवर रन एवं टाइम ओवर की स्थिति उत्पन्न न हो।
191.67 लाख रूपये की धनराशि स्वीकृत
सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग द्वारा चालू वित्तीय वर्ष में अर्जुन सहायक पुनरीक्षित परियोजना के कार्यों हेतु प्राविधानित धनराशि 3000.00 लाख रूपये में से 191.67 लाख रूपये प्रमुख अभियन्ता एवं विभागाध्यक्ष सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग उ0प्र0 लखनऊ के निवर्तन पर रखे जाने की स्वीकृति प्रदान की गयी है। इस धनराशि के सम्बन्ध में विशेष सचिव सिंचाई श्री मुश्ताक अहमद की ओर से 09 जून, 2021 को आवश्यक शासनादेश जारी कर दिया गया है। शासनादेश में कहा गया है कि परियोजना की स्वीकृति परिव्यय के अन्तर्गत ही जारी की जाए। इसके अलावा यह भी निर्देश दिए गए हैं कि विगत वर्षों में व्यय की प्रतिपूर्ति भारत सरकार कराये जानी है, उनके सम्बन्ध में समस्त औपचारिकताएं पूर्ण करते हुए व्यय की प्रतिपूर्ति सुनिश्चित करें यह भी सुनिश्चित किया जाए कि भारत सरकार को व्यय के आडिटेड लेखों के सम्बन्ध में प्रमाण पत्र क साथ प्रतिपूर्ति दावे समय से प्रस्तुत किय जाए, ताकि इसके अभाव में प्रतिपूर्ति दावों के भुगतान में कठिनाई/विलम्ब न हो। शासकीय व्यय में मितव्ययिता नितान्त आवश्यक है, अतः व्यय करते समय मितव्ययिता के सम्बन्ध में वित्त विभाग द्वारा समय-समय पर निर्गत शासनादेशों का विशेष रूप से पालन किया जाए।
जसराना नवीन नहर परियोजना हेतु भूमि क्रय के लिए 517.52लाख रूपये की धनराशि अवमुक्त
सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग द्वारा चालू वित्तीय वर्ष में जसराना नवीन नहर परियोजना के अन्तर्गत भूमि क्रय के लिए प्राविधानित सम्पूर्ण धनराशि 20 लाख रूपये इस प्रकार कुल धनराशि 517.52 लाख रूपये अवमुक्त की गयी है। इस धनराशि के सम्बन्ध में विशेष सचिव सिंचाई मुश्ताक अहमद की ओर से 08 जून, 2021 को आवश्यक शासनादेश जारी कर दिया गया है।परियोजना हेतु अवमुक्त की जा रही धनराशि के सापेक्ष कराये जाने वाले कार्यों पर नियमानुसार सेन्टैज चार्ज एवं लेबर सेस का भुगतान तथा व्यय प्रबन्धन एवं शासकीय व्यय में मितव्ययिता के सम्बन्घ में वित्त विभाग द्वारा समय-समय पर जारी निर्देशों का विशेष रूप से अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा। बजब् मैनुअल के प्राविधानों के अनुसार व्यय का प्रमाण-पत्र शासन को समयान्तर्गत अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराया जाएग। उक्त सन्दर्भगत शासनादेश द्वारा प्रश्नगत परियोजना हेतु निर्गत की गयी प्रशासकीय स्वीकृति में उल्लिखित प्रतिबन्ध यथावत रहेंगे।
प्रदेश में अब तक 52.66 लाख मीट्रिक टन हुई गेहूँ खरीद 1183519 किसानों को किया गया लाभान्वित
रबी खरीद वर्ष 2020-21 के तहत प्रदेश में स्थापित 5678 गेहूँ क्रय केन्द्रों के माध्यम से, अब तक 5266689.16 मीट्रिक टन गेहूँ की खरीद की गयी है। इसके एवज में 1183519 किसानों को लाभान्वित करते हुए, उनके खातों में 8510 करोड़ रूपये का भुगतान किया गया है। खाद्य एवं रसद विभाग से प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार आज 41931.15 मीट्रिक टन गेहूँ की खरीद हुई है। उल्लेखनीय है कि इस वर्ष 1975 रूपये प्रति कुन्तल की दर से गेहूँ खरीद खरीद की जा रही है। गेहूँ खरीद केन्द्रों पर किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसका पूरा-पूरा ध्यान रखते हुए खरीद की जा रही है।
डा. श्यामा प्रसाद मुखर्जी (सिविल) अस्पताल में मनाया गया विश्व रक्तदाता दिवस
डा0 श्यामा प्रसाद मुखर्जी (सिविल) अस्पताल, लखनऊ में आज विश्व रक्तदाता दिवस का आयोजन किया गया। इस अवसर पर अस्पताल में रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। इस अवसर पर अपने विचार व्यक्त करते हुए अस्पताल के निदेशक डाॅ0 सुभाष चन्द्र सुन्द्रियाल ने कहा कि विश्वरक्तदाता दिवस मनाने का मुख्य उद्देश्य जन सामान्य में स्वैच्छिक रक्तदान के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। चूंकि स्वैच्छिक रक्तदान से प्राप्त रक्त ही सबसे सुरक्षित होता है। अतः नियमित स्वैच्छिक रक्तदाताओं का सम्मान कर स्वैच्छिक रक्तदान बढ़ाना ही इस दिवस को विश्व व्यापक रूप से मनाने का उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि रक्त सुरक्षा कार्यक्रम का मूल उद्देश्य प्रदेश में आवश्यकतानुसार प्रत्येक व्यक्ति को उच्च गुणवत्ता वाला स्वैच्छिक रक्त या रक्त अवयव उपलब्ध कराना है। साथ ही प्रदेश में प्रतिस्थानित रक्त पर निर्भरता कम करते हुए स्वैच्छिक रक्तदान को बढ़ावा देना है।रक्त सुरक्षा अनुभाग, उत्तर प्रदेश राज्य एड्स नियन्त्रण सोसाइटी द्वारा प्रदेश में उच्च गुणवत्ता वाले सुरक्षित रक्त की आपूर्ति सुनिश्चित करने हेतु नाको, भारत सरकार के दिशा-निर्देशानुसार राजकीय एवं चैरिटबल रक्तकोषों को सहयोग प्रदान किया जाता है। डाॅ0 सुन्द्रियाल ने बताया कि विगत वर्षो की भाति इस वर्ष भी 14 जून 2021 को विश्व रक्त दाता दिवस के रूप में मनाया जा रहा है। इस दिन सम्पूर्ण विश्व में नियमित स्वैच्छिक रक्तदाताओं को सम्मानित किया जाता है। इस वर्ष विश्व रक्तदाता दिवस के विषय वस्तु ‘‘आपदा का इन्तजार न करें -रक्तदान करें, अभी करें, नियमित करें‘‘ है। इस विशेष अवसर पर राज्य स्तर पर आयोजित गतिविधयों के साथ विभिन्न स्थानों पर जनसामान्य हेतु रक्त समूह की जाँच भी करायी जा रही है। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों का रक्त दुर्लभ ग्रुप जैसे-। छमहंजपअमअथवा ।ठ छमहंजपअमहो सकता है। कुछ लोग त्भ् छमहंजपअमब्लड ग्रुप्स के हो सकते है। जोकि दुर्लभ ब्लड ग्रुप्स है। एैसे दुर्लभ रक्त की आवश्यकता विशेष रोगियों को होती है अतः रक्त कोष में एैसे ब्लड ग्रुप का रक्त उपलब्ध न होने पर रक्त कोष का स्टाॅफ या रोगी आपसे सीधे सम्पर्क कर सकता है एवं आप किसी का जीवन दान दे सकते है। उन्होंने अपील की कि भावी रक्तदाता के रूप में अपनी सहमति देकर पंजीकरण करायें।
विभिन्न जनपदों के 14 सेतुओं के चालू निर्माण कार्यों के लिए रु 16 करोड़ 15 लाख 26 हजार की धनराशि का किया गया आवंटन
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के निर्देशों के क्रम में उत्तर प्रदेश शासन द्वारा राज्य योजना (सामान्य) के अंतर्गत विभिन्न जनपदों के लोक निर्माण  विभाग  अंश के 14 सेतुओ के चालू कार्यों  हेतु रू0 16 करोड़ 15लाख26 हजार की धनराशि का आवंटन किया गया है। इस संबंध में आवश्यक शासनादेश उत्तर प्रदेश शासन, लोक निर्माण विभाग द्वारा जारी कर दिया गया है। लोक निर्माण विभाग अंश का रू0 149 करोड़ 97 लाख 18 हजार का पूर्व में आवंटन किया जा चुका है। इन परियोजनाओं की कुल लागत रु0 263 करोड़ 39 लाख 17 हजार है। यह परियोजनाएं जनपद सुल्तानपुर, प्रतापगढ़, मुजफ्फरनगर,मेरठ, सिद्धार्थनगर, गोरखपुर, आजमगढ़, पीलीभीत व बदायूं में चल रही हैं। उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि अवमुक्त की जाने वाली धनराशि केवल निर्धारित परियोजनाओं पर ही मानक/विशिष्टयो के अनुरूप ही व्यय की जाए। इसका उपयोग अन्य किसी प्रयोजन के लिए नहीं किया जाएगा।
जनपद बलिया के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र अगउर में लगेगा आक्सीजन जनरेटर प्लांट
प्रदेश में चिकित्सा सुविधाओं के तेजी से चल रहे विस्तार कार्यक्रमों के साथ-साथ मौजूद चिकित्सा सुविधाओं की व्यवस्थाओं में सुधार और संवर्द्धन का कार्य जारी है। प्रदेश सरकार ग्रामीण क्षेत्रों तक चिकित्सा सुविधाओं को बेहतर करने के लिए प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। इसी क्रम में जनपद बलिया के निर्वाचन क्षेत्र बाॅसडीह में ग्रामसभा जितौर के अगउर सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में आक्सीजन जनरेटर प्लांट लगाया जायेगा। प्लांट की स्थापना के लिए शासन द्वारा रू0 51,68,400.00 धनराशि की प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति दे दी गई है। स्वीकृत धनराशि को इसी वित्तीय वर्ष में प्रयोग किया जाना है तथा शासन द्वारा कार्य में कोई विलम्ब न किए जाने का निर्देश भी दिया गया है।
राज्य स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण की योजनाओं के लिए रू 4336.30 लाख मंजूर
राज्य स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण की योजनाओं के लिए शासन द्वारा रू0 4336.30 लाख (रू0 तंैतालिस करोड़ छत्तीस लाख तीस हजार मात्र) धनराशि को मंजूरी दे दी है। इस धनराशि को निर्धारित मदों में चालू योजनाओं पर ही व्यय किया जा सकेगा। चालू योजनाओं हेतु स्वीकृत इस धनराशि का व्यय नई मांग (एस0एन0डी0) से सम्बन्धित कार्यों अथवा मदों पर नही किया जा सकेगा।
उद्यान निदेशक ने आम विक्रय केन्द्र का किया शुभारम्भ विक्रय केन्द्र से किसानों की आय में होगी वृद्धि
प्रदेश के उद्यान एवं खाद्य प्रस्संकरण निदेशक डा0 आर0के0 तोमर आज सप्रू मार्ग उद्यान निदेशालय के परिसर में अवध आम उत्पादक एवं बागवानी समिति मलिहाबाद द्वारा आयोजित आम विक्रय केन्द्र का शुभारम्भ किया। उन्होंने कहा कि इस विक्रय केन्द्र के खुलने से आम उत्पादक किसान अपने उत्पाद को सीधे लाकर बेच सकते है। इसमें किसी बिचैलियों की भूमिका नही होगी तथा अपने उत्पाद का उचित मूल्य प्राप्त कर अपनी आय में वृद्धि कर सकते है। उद्यान निदेशक ने कहा कि विभाग ने किसानों को सीधे उपभोक्ताओं को इस आम विक्रय केन्द्र खोलकर मिलाने का प्रयास किया गया है। उन्होंने कहा कि आम उत्पादक किसान अपनी उपज को उपभोक्ताओं तक पहुॅचाने का कार्य कर रहें है। किसानों द्वारा कोरोना संक्रमण को दृष्टिगत रखते हुए आम को अच्छे ढं़ग से साफ-सफाई सेनेटाइजेशन एवं गुणवत्ता के साथ पैकिंग मंे उपभोक्ताओं को उपलब्ध कराया जा रहा है। डा. तोमर ने कहा के यदि कोई अन्य आम उत्पादक समिति/संस्थाए विक्रय केन्द्र खोलना चाहता है तो अनको भी उद्यान विभाग पूरा सहयोग करेगा। उन्होंने कहा कि इसी क्रम में श्रीमंत रिस्ता प्रोड्यूसर कम्पनी, लखनऊ द्वारा प्रदेश से बाहर त्रिवेन्द्रम, कोचीन, बैगलौर तथा मुम्बई में आम की आपूर्ति कल से समुचित दर के साथ किया जाएगा। अवध आम उत्पादक एवं बागवानी समिति के महामंत्री श्री उपेन्द्र कुमार सिंह ने बताया कि दशहरी आम पूरे देश एवं विदेश में अपनी पहचान बनाया हैं। उन्होंने बताया कि गत वर्ष भी समिति की तरफ से मोबाइल वैन के माध्यम से उपभोक्ताओं का आम पहुॅचाने का कार्य किया गया था। इस बार भी लोगों को साफ-सुथरा, गुणवत्ता एवं सेनेटाइजेशन के साथ आम उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। इस अवसर पर उद्यान विभाग की वरिष्ठ अधिकारी एवं समिति के पदाधिकारी उपस्थित थे।
राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में टूट-फूट की मरम्मत आन्तरिक आवगमन के अन्तर्गत इण्टरलॉकिंग, विद्युत वायरिंग की मरम्मत, प्रसाधनों की मरम्मत, पानी की सप्लाई प्लम्बिंग के कार्य कराये जाने हेतु प्रदेश सरकार ने वित्तीय वर्ष 2021-22 में अन्य समाज सेवाओं पर पूंजीगत परिव्यय के अन्तर्गत वित्तीय स्वीकृति जारी कर दी है। इस संम्बंध में  व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास द्वारा शासनादेश जारी कर दिया गया है। शासनादेश के अनुसार  राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में टूट-फूट की मरम्मत आन्तरिक आवगमन के अन्तर्गत इण्टरलॉकिंग, विद्युत वायरिंग की मरम्मत, प्रसाधनों की मरम्मत, पानी की सप्लाई प्लम्बिंग के कार्य कराये जाने हेतु वित्तीय वर्ष 2021-22 में अन्य समाज सेवाओं पर पूंजीगत परिव्यय, रोजगार, दस्तकार प्रशिक्षण योजना (जिला योजना) लघु निर्माण कार्य में प्राविधानित धनराशि 120 लाख रुपये तथा अनुदान संख्या के अन्तर्गत अन्य समाज सेवाओं पर पूंजीगत परिव्यय रोजगार, दस्ताकर प्रशिक्षण योजना लघु निर्माण कार्य मद में प्राविधानित धनराशि 11 लाख रुपये अर्थात कुल 131 लाख रुपये (रूपये एक करोड़ इकत्तीस लाख मात्र) की धनराशि स्वीकृत कर व्यय किये जाने की स्वीकृति  प्रदान की गई है।  
दुग्ध संघों के सुदृढ़ीकरण के लिए 833.287 लाख रूपये की धनराशि स्वीकृत
उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश में डेयरी विकास के लिए दुग्ध संघों के सुदृढ़ीकरण एवं उन्हें पुनर्जीवित करने की योजना के तहत वर्तमान वित्तीय वर्ष में 833.287 लाख रूपये की स्वीकृति प्रदान की है। यह धनराशि आगरा, मैनपुरी, मेरठ, झांसी, जालौन (उरई), हमीरपुर, महोबा, बांदा, लखनऊ, लखीमपुर खीरी, बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर, रामपुर, वाराणसी, मिर्जापुर, सोनभद्र, गोरखपुर, महाराजगंज, देवरिया, बस्ती, सिद्धार्थनगर, आजमगढ़, मऊ, प्रयागराज, प्रतापगढ,़ कानपुर, अयोध्या, अंबेडकरनगर, बहराइच, तथा गोंडा जनपदों के लिए स्वीकृत की गई है। इस संबंध में दुग्ध विकास विभाग द्वारा शासनादेश जारी करते हुए योजना के क्रियान्वयन के सम्बन्ध में सम्बन्धित जनपदों के दुग्धशाला विकास अधिकारी/उप दुग्धशाला विकास अधिकारी तथा आहरण वितरण अधिकारी को आवश्यक दिशा-निर्देश दे दिये गये हंै। शासनादेश में कहा गया है कि स्वीकृत धनराशि के उपयोग में निर्धारित मानकों व दिशा-निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित किया जाये।
उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने लगाया जनता दर्शन
उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि जन समस्याओं का त्वरित व समयबद्ध समाधान किया जाना सरकार की प्राथमिकता और प्रतिबद्धता भी है, हम अपनी प्रतिबद्धताओं के अनुरूप जन समस्याओं के निराकरण का हर सम्भव प्रयास कर रहे हैं और हमारी कोशिश है कि जनता को सही समय से न्याय मिले। मौर्य आज अपने कैंप कार्यालय 7-कालिदास मार्ग पर आयोजित जनता दर्शन में जनसमस्याएं सुन रहे थे। उपमुख्यमंत्री ने आगन्तुकों से सीधे रूबरू होते हुये उनकी समस्याएं सुनीं व उनके समयबद्ध निस्तारण हेतु सम्बन्धित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिये। जनता दर्शन में आज लोगों का काफी मजमा रहा। प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आये तमाम लोगों ने अपनी विभिन्न प्रकार की समस्याएं रखी, जिनके निस्तारण के निर्देश उन्होने संबंधित अधिकारियों को दिए। मौर्य ने यह भी निर्देश दिए हैं कि समस्याओं का निस्तारण गुणवत्तापूर्ण ढंग से किया जाए, ताकि किसी को बार-बार चक्कर न लगाना पड़े। उन्होने कहा कि जिन लोगो ने अपनी समस्याएं रखी है, उनके निस्तारण के बारे मे की जा रही कार्यवाही से सम्बन्धित को सूचित भी किया जायेगा।