हुक्के की आग जलाने से मना करने पर दिल्ली पुलिस में तैनात महिला सिपाही ने पड़ोसी युवक को पीटा


गुरुग्राम। घर के सामने हुक्के की आग जलाने से मना करने पर परिवार से मारपीट का मामला सामने आया है। पीड़ित पक्ष ने पुलिस को शिकायत देकर अस्पताल में उपचार कराया। आरोपियों ने वापस घर लौटने पर फिर से घेरकर पिटाई कर डाली। सेक्टर-5 थाना पुलिस ने पीड़ित के बयान पर मामला दर्ज कर मुख्य आरोपी को हिरासत में लिया। एक आरोपी महिला दिल्ली पुलिस में सिपाही के पद पर तैनात है। पुलिस ने तफ्तीश होने के बाद उसे छोड़ दिया है।
पुलिस के अनुसार, अशोक विहार फेज-3 कॉलोनी में रहने वाले 42 साल के भूपेंद्र मलिक ने शिकायत दी है। वह पहले कैब चलाते थे लेकिन कोविड काल में अब घर पर ही रहते हैं। सोमवार सुबह करीब 10 बजे वह अपने मकान की पहली मंजिल पर थे। उनका बेटा परिक्षित व पत्नी मुकेश नीचे थे। आरोप है कि तभी सामने अपने मकान में दुकान चलाने वाला जितेंद्र हुक्के की आग जलाने लगा। इस पर शिकायतकर्ता के बेटे ने उसे कहा कि यहां हमारे घर के सामने आग न जलाया करो, सारा धुआं हमारे घर में आता है जिससे परेशानी होती है। आरोप है कि इसी बात पर जितेंद्र ने गाली देना शुरू किया और अपने दो साथियों को बुलाकर शिकायतकर्ता के बेटे को पीटने लगे। बचाव के लिए युवक की मां गई तो उसे भी आरोपियों ने पीटा।
फिर शिकायतकर्ता भी बाहर आए तो बीच-बचाव हुआ। फिर वह पत्नी व बेटे को लेकर थाना में शिकायत दे आए और अस्पताल गए। वह प्राथमिक उपचार कराने के बाद वापस घर आ गए। घर के पास पहुंचे तो गली में 5-6 युवक व दो-तीन औरतें हाथों में डंडे व ईंट-पत्थर लेकर खड़े थे। पीड़ित ने कंट्रोल रूम में कॉल किया तो राइडर वहां पहुंची और इन्हें बुलाया। जैसे ही शिकायतकर्ता आए तो इन पर हमला कर दिया। इसमें आशा नाम की महिला ने पीड़ित को पकड़ लिया और कहने लगी कि मैं दिल्ली पुलिस में हूं, अब तुझे बताती हूं। फिर अन्य आरोपियों ने लोहेनुमा हथियार से शिकायतकर्ता को चोट मारी और धमकी देकर फरार हो गए। सेक्टर-5 थाना प्रभारी पंकज ने बताया कि अब तक की छानबीन में दो लोगों को हिरासत में लिया गया। जिनको जांच में शामिल तफ्तीश कराया गया है। पुलिस ने उनके बयान दर्ज करने के बाद छोड़ दिया है। आरोपी की पहचान जितेंद्र व उसकी बहन आशा के रूप में हुई है। आरोपी महिला दिल्ली पुलिस में सिपाही के पद पर तैनात है।